वाराणसी

वाराणसी एयरपोर्ट बनेगा पूर्वांचल का कृषि निर्यात हब, 20 टन क्षमता वाले पेरिशेबल कार्गो सेंटर को मिली मंजूरी

Varanasi Airport News: वाराणसी के एयरपोर्ट पर सेंटर फॉर पेरिशेबल कार्गो की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में एयरपोर्ट पर 5 टन क्षमता वाले कार्गो सेंटर से फल, सब्जी और अन्य वस्तुओं का परिवहन किया जाता है..
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Jul 03, 2026
Varanasi Airport
फाइल फोटो, Pc-Patrika

Cargo Center at Varanasi Airport : वाराणसीके बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को कृषि और पेरिशेबल उत्पादों के निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट पर 20 टन क्षमता वाले आधुनिक सेंटर फॉर पेरिशेबल कार्गो के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों के किसानों को कृषि निर्यात के लिए फायदा पहुंचेगा।

वाराणसी के एयरपोर्टपर सेंटर फॉर पेरिशेबल कार्गो की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में एयरपोर्ट पर 5 टन क्षमता वाले कार्गो सेंटर से फल, सब्जी और अन्य वस्तुओं का परिवहन किया जाता है। बढ़ती हुई मांग और निर्यात की बेहतर संभावना को देखते हुए इसकी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही मौजूदा कार्गो सेंटर का विस्तार कर उसकी क्षमता 10 टन तक बढ़ाई जा रही है, जिसका कार्य इसी महीने पूरा होने की संभावना है। कार्गो इंचार्ज अभिषेक सिंह ने बताया कि 20 टन क्षमता वाले सेंटर फॉर पेरिशेबल कार्गो का डिजाइन तैयार हो चुका है, फिलहाल स्थान का चयन किया जा रहा है।

मार्च से की जा रही तैयारी

इंचार्ज ने बताया कि स्थान के चयन के बाद टेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों से सुझाव भी मांगे गए हैं, ताकि सुविधा को भविष्य में जरूर के अनुरूप विकसित किया जा सके। इस परियोजना की तैयारी के लिए मार्च 2026 से ही तैयारी की जा रही है। कार्गो केंद्र की सुविधा वर्तमान में देश के चुनिंदा एयरपोर्ट पर ही है, जिसमें अब वाराणसी का एयरपोर्ट भी शामिल होने जा रहा है। एयरपोर्ट निर्देशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट को क्षेत्रीय कार्गो हब के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके शुरू होने से पूर्वांचल के किसानों और निर्यातकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपने उत्पादक को तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।

बता दें कि वाराणसी एयरपोर्ट पर 8800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित एकीकृत कार्गो टर्मिनल पहले से ही संचालित है, जिसमें 4102 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र और 4698 वर्ग मीटर खुला क्षेत्र है। 2022 में एएआई कार्गो लॉजिस्टिक्स और एलिट सर्विसेज कंपनी लिमिटेड वाराणसी को रेगुलेटेड एजेंट का दर्जा मिला है। वहीं, जनवरी 2023 से एयर कार्गो टर्मिनल पर संचालन प्रारंभ हो चुका है।

खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं पूर्वांचल के फार्मिंग प्रोडक्ट्स

इस कार्गो सेंटर के शुरू होने के बाद कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण, तापमान नियंत्रण, भंडारण और निर्यात संबंधी प्रक्रिया एयरपोर्ट परिसर में ही पूरी की जा सकेगी। आधुनिक कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम के कारण उत्पादों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी। पूर्वांचल आम, सब्जियों, फूलों और डेयरी उत्पादों के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। वर्तमान में वाराणसी एयरपोर्ट से बनारसी लंगड़ा आम, हरी मिर्च, सब्जियां वा कई कृषि उत्पाद खाड़ी देशों को निर्यात किया जा रहे हैं। हालांकि, क्षमता सीमित होने का कारण किसानों और निर्यातकों को कई बार दूसरे कार्गो सेंटर का सहारा लेना पड़ता है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद कृषि उत्पादकों का निर्यात सीधे वाराणसी से किया जा सकेगा।

Published on:
03 Jul 2026 08:35 am