
Varanasi News: वाराणसी, अयोध्या और मथुरा में कथित तौर पर खालिस्तानी नेशनल आर्मी द्वारा सरकारी विभागों में ईमेल भेजकर बम विस्फोट करने की धमकी दिए जाने के बाद पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। वाराणसी के कई सरकारी दफ्तरों में ईमेल के जरिए शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल समेत कई इलाकों में विस्फोट की धमकी दी गई थी, जिसके बाद पुलिस सड़क पर उतर चुकी है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर 80 प्रतिशत पुलिस फोर्स अपने-अपने इलाके में जांच अभियान चला रही है। वहीं, जीआरपी, सिगरा पुलिस और एसीपी चेतगंज ने वाराणसी रेलवे स्टेशन व रोडवेज समेत कई इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया है।
दीपावली पर वाराणसी में विस्फोट की धमकी मिलने के बाद एसीपी चेतगंज शुभम जैन के नेतृत्व में सिगरा थाने और जीआरपी ने चेकिंग अभियान चलाया है। वाराणसी के रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बम स्क्वायड व डॉग स्क्वॉड के साथ पुलिस ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान आरपीएफ की टीम भी शामिल रही। एसीपी चेतगंज ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी तरह से संदिग्ध व्यक्ति और संदिग्ध वस्तु दिखाने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दे ताकि समय रहते कार्रवाई जा सके। एक तरफ स्टेशन परिसर में जहां यात्रियों के बैग और सामानों की जांच की गई तो दूसरी तरफ स्टेशन परिसर के बाहर खड़े वाहनों की भी तलाशी ली गई।
इस दौरान ट्रेन और रोडवेज की बस में भी पटाखा लेकर यात्रा करने वाले लोगों को हिदायत दी गई है। एसीपी ने बताया कि पटाखा ज्वलनशील पदार्थ है और यदि उसमें विस्फोट होता है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इस वजह से इन चीजों को लेकर यात्रा करने से बचें। इससे पूर्व पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जिले के सभी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया है कि दीपावली और छठ पूजा तक पुलिसकर्मी निरंतर अपनी ड्यूटी में मुस्तैद रहे। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया है कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस ईमेल आईडी से मैसेज आया है वह दलजीत दोसांझ के नाम पर बताया जा रहा है और मैसेज के नीचे खालिस्तान नेशनल आर्मी लिखा हुआ है। ईमेल में 1984 के सिख दंगों का भी जिक्र किया गया है और उसमें खालिस्तानी नारा भी लिखा गया है। मेल आईडी में भेजे गए मैसेज में लिखा गया है कि 1984 के दंगों का खून का बदला खून से लेंगे। इस तरह के धमकी भरे मैसेज आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने सभी एसीपी और थाना अध्यक्षों को निर्देशित किया है कि 80 प्रतिशत पुलिसकर्मी चौक, चौराहो और बाजारों में रहकर संदिग्धों पर नजर रखेंगे। वहीं, साइबर टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है।