
Codeine Cough syrup case: कोडिन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में वाराणसी पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामनगर के रहने वाले राजीव यादव और विवेक खन्ना के रूप में हुई है। दोनों की सप्तसागर स्थित दवा मंडी में दिनेश मेडिकल एजेंसी और खन्ना फर्म के नाम से दुकानें हैं। रोहनिया पुलिस ने राजीव यादव के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी कराया था, जिसके बाद दोनों लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार थे।
कोतवाली एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया है कि कोडिन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में दोनों दूसरे लेयर के आरोपी है। पुलिस ने 2 हजार करोड़ रुपए के कफ सिरप की तस्करी के मामले में सरगना शुभम जायसवाल की फॉर्म शैली ट्रेडर्स को पहले लेयर में रखा है। इस फर्म से खरीदारी करने वाली फर्म को दूसरे लेयर में और उनसे खरीदने वाले को तीसरे लेयर में रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि राजीव यादव ने 1.3 लाख और विवेक ने ढाई लाख शीशियों की खरीदारी की थी।
रोहनिया पुलिस ने भी राजीव से गिरफ्तारी के बाद पूछताछ की है। रोहनिया थाना अध्यक्ष राजू ने बताया कि राजीव के खिलाफ पूर्व में कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराया गया था। वहीं, प्रतिबंध कोडिन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच कर रही एसटीएफ ने शनिवार को मामले में न्यायालय में चौथा आरोप पत्र भी दाखिल किया। 38 hajarb पन्नों की इस चार्ट शीट में शुभम जायसवाल उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल समेत चार लोगों को आरोपी बताया गया है। वही दो अन्य आरोपी विकास सिंह नार्वे और अमित सिंह को भी इसमें शामिल किया गया है।
इस मामले में पूरे सिंडिकेट का सरगना शुभम जायसवाल फरार चल रहा है और पुलिस को आशंका है कि वह दुबई में छिपा हुआ है। वहीं पुलिस ने कोर्ट से शुभम जायसवाल की पत्नी के खिलाफ भी गिरफ्तारी का वारंट इशू कराया है। बताया जा रहा है कि शुभम की पत्नी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। हालांकि, शुभम की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी पुलिस और एसआईटी की टीमें प्रयास कर रही है।