
Varanasi Development Authority News: वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है। प्राधिकरण के एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने अवैध निर्माण कराने के नाम पर 25 हजार रुपये की घूस मांगी, जिसका ऑडियो वीडीए के वीसी पूर्ण बोरा के सीयूजी नंबर पर भेजा गया है। ऑडियो में कर्मचारी रिश्वत नहीं देने पर निर्माण को गिराने की बात कर रहा है। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि पत्रिका समूह नहीं करता है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष के मोबाइल नंबर 7518102802 पर ऑडियो मिलने के बाद वीडीए में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, इस ऑडियो को सुनने के बाद प्राधिकरण अध्यक्ष पूर्ण बोरा ने आरोपी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी मुरलीधर को अपने कार्यालय में बुलाया और उससे पूछताछ की है। जवाब में हिला हवली की जानकारी होने के बाद तत्काल उसे जोन से हटाकर कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ जांच बैठा दी गई है। बताया जा रहा है कि जैसे ही उपाध्यक्ष ने कर्मचारी को बुलाकर पूछताछ शुरू की, वह बेहोश होकर जमीन पर गिरने का बहाना करने लगा। यही नहीं 2 वर्ष पहले भी आरोपी कर्मचारी का घूस मांगने का एक फोटो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
उस दौरान शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मुरलीधर और उसका एक और साथी अवैध निर्माण के नाम पर 60 हजार रुपये की मांग रहा है और नहीं देने पर निर्माण को ध्वस्त करने की धमकी दे रहा है। वीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया है कि प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि आरोप सही है, इसी वजह से आरोपी कर्मचारियों को कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच बैठाई गई है, यदि वह जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामले में शामिल किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार में अभी तक आउटसोर्सिंग पर तैनात 9 कर्मचारियों को विभाग से बाहर किया जा चुका है और तीन अन्य के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। जल्द ही दोषी पाए जाने पर उन्हें भी बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी निर्माण करने के नाम पर यदि पैसे की डिमांड करता है तो उनके सीयूजी नंबर पर इसकी शिकायत भेजें। यदि उसमें घूस लेने जैसी कोई भी बात सामने आती है, तो उस अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।