वाराणसी

काशी में गंगा का रौद्र रूप: घाटों की सीढ़ियां डूबीं, मणिकर्णिका घाट पर छत पर हो रहा शवदाह, हरिशचंद्र घाट का भी हाल बेहाल

Manikarnika ghat news। Flood in Varanasi: काशी में महाश्मशान कहे जाने वाले मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है..
2 min read
Aug 20, 2026
Varanasi latest news
Pc-Patrika

Flood Alert in UP: वाराणसी में धीरे-धीरे गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। काशी के सभी 84 घाट जलमग्न हो चुके हैं। वहीं, अब घाटों की सीढ़ियां भी डूब चुकी हैं। महाश्मशान कहे जाने वाले मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, मणिकर्णिका घाट पर निचला हिस्सा डूबने के कारण शवों का अंतिम संस्कार छत पर किया जा रहा है। बारिश में लकड़ी गीली हो जाने के कारण मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। अब एक साथ 10 से 11 चिता ही सज पा रही है, जबकि पहले एक साथ 50 चिता जलाई जाती थी।

मणिकर्णिका घाट पर 15 फीट ऊपर छत पर हो रहा दाह संस्कार

वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले दो दिनों में गंगा नदी के जलस्तर में करीब डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा का जलस्तर वर्तमान में 68.35 मीटर पर बना हुआ है। वहीं, चेतावनी बिंदु 70.262 है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा नदी का जलस्तर 71.262 मीटर पहुंचने का साथ ही नदी चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगी। हालांकि, गुरुवार की सुबह फिलहाल गंगा नदी का जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर शव का अंतिम संस्कार पहुंचने वाले लोगों को हो रही है।

मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के लिए जगह अब सीमित हो गई है। घाट से 15 फीट ऊपर छत पर शव का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। वहीं, बारिश के चलते लकड़ियां भी गीली हो चुकी हैं। इस वजह से शव के अंतिम संस्कार के लिए दूर दराज से आए लोगों को 4 से 5 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। एक चिता बुझाने के बाद दूसरी चिता को सजाया जा रहा है। हालांकि, जगह कम होने के कारण लोग परेशान नजर आ रहे हैं। चिता को जलाने के लिए लकड़ियों को गलियों में रखा गया है।

हरिशचंद्र घाट पर गलियों में शवदाह

वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह करने का स्थान पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। हरिशचंद्र घाट पर जाने वाला सड़क मार्ग केवल 8 फीट चौड़ा है और घाट पूरी तरह से जलमग्न होने के कारण शवों का अंतिम संस्कार गली में किया जा रहा है। जिस गली में शवदाह हो रहा है वह महज 5 फीट चौड़ी ही है। हालांकि, इतनी दुश्वारियां होने के बाद भी शवों का दाह निर्बाध रूप से 24 घंटे किया जा रहा है। हरिशचंद्र घाट पर भी जगह सीमित होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, जिन गलियों में शव दाह किया जा रहा है वहां रहने वाले लोगों की परेशानी भी अब बढ़ गई है।

Updated on:
20 Aug 2026 01:53 pm
Published on:
20 Aug 2026 01:53 pm