वाराणसी

चेतावनी बिंदु से नीचे पहुंचा गंगा का जलस्तर लेकिन बढ़ी दुस्वारियां, वाराणसी में लोग सिल्ट और बदबू से परेशान

Flood in Varanasi due to ganga and varuna river: वाराणसी में गंगा नदी ने लोगों को राहत दी है। बाढ़ का पानी अब चेतावनी बिंदु से नीचे आ चुका है।
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Sep 06, 2026
Varanasi news
घटने लगा गंगा का जलस्तर (Pc-IANS)

Flood News Varanasi: वाराणसी में गंगा नदी ने लोगों को राहत दी है। बाढ़ का पानी अब चेतावनी बिंदु से नीचे आ चुका है। रविवार की सुबह 8 बजे गंगा नदी का जलस्तर 69.82 मीटर दर्ज किया गया। बता दें कि गंगा नदी में चेतावनी बिंदु 70.62 मीटर से पानी नीचे उतर चुका है, जिसके बाद काशी वासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस दौरान बाढ़ ग्रसित इलाकों में अब दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। लोग नदियों से बहकर आए सिल्ट और बदबू से परेशान होने लगे हैं, लेकिन गंगा नदी के जलस्तर में कमी होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।

केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को गंगा नदी का जलस्तर 70.12 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, रविवार की सुबह 8 बजे गंगा नदी का जलस्तर 69.82 मीटर दर्ज किया गया है। आंकड़ों की माने तो नदी में 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, वाराणसी जिला प्रशासन गंगा और वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों पर लगातार निगरानी रख रहा है। वाराणसी के 11 मोहल्ले और वार्ड आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

कई परिवारों ने राहत शिविर में ली शरण

वरुणा नदी की बात करें तो बाढ़ से जनपद के 269 परिवारों के 1392 लोग दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए गए हैं। इसके साथ ही राहत शिविरों में 606 परिवार के 2675 लोग शरण लिए हुए हैं। वहीं, 1129 किसानों की 131 हेक्टर फसल भी प्रभावित हुई है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी पहुंचे और उन्होंने बाढ़ के हालात का जायजा लिया। सीएम योगी ने सलारपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर केंद्र में पहुंचकर लोगों से जानकारी ली और उनके बीच राहत सामग्री का वितरण किया है।

वहीं, वरुणा नदी के तटवर्ती इलाके पिपरहवा घाट वा हुकुलगंज के वार्ड 6 में भी पानी कम हुआ है, लेकिन मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। जलस्तर घटने के साथ ही रास्तों पर जमा पानी सड़न और बदबू से लोगों को परेशान कर रहा है। यहां के रहने वाले लोग जलकुंभी और सीवर के पानी के रास्ते पर बहाने से परेशान हैं। लोगों ने बताया है कि मकान में नदी के साथ बहकर आने वाला सिल्ट घुस चुका है। इसके साथ ही बदबू से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।

क्या बोले स्थानीय लोग

स्थानीय निवासी मोबिन शेख ने बताया कि गंदगी की सफाई के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लोग अपने घरों की सफाई अपने से ही कर रहे हैं। रास्तों पर जमे हुए पानी में जलकुंभी और सीवर का पानी बह रहा है। बदबू इतना हो रहा है कि घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि इलाके में सैकड़ो घर बाढ़ की चपेट में हैं। जिन घरों में दो या तीन मंजिल है, वहां के रहने वाले छत पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन एक तल वाले मकान में रहने वाले लोगों का बुरा हाल है।

पेशे से इंजीनियर मोहम्मद यूनुस ने बताया कि वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों में हर साल बाढ़ की समस्या सामने आती है। उन्होंने बताया कि नदी के दोनों किनारो पर मजबूत तटबंध बनाया जाए तो काफी हद तक बाढ़ को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को केवल पानी घटने का इंतजार करने का बजाय स्थाई समाधान पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही बाढ़ का पानी कम होने के बाद इलाके में उचित साफ सफाई की व्यवस्था भी जिला प्रशासन को करनी चाहिए ताकि बाढ़ के बाद किसी प्रकार की बीमारी न फैल सके।

Updated on:
06 Sept 2026 10:49 am
Published on:
06 Sept 2026 10:49 am
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