
AI Chat Box by Varanasi Nagar Nigam: वाराणसी नगर निगम द्वारा करीब 15 दिन हो पहले शुरू की गई एआई चैट बॉक्स की सुविधा लोगों को काफी ज्यादा पसंद आ रही है। ऐसे में लोग भीषण गर्मी में बिना लाइन लगे अपना टैक्स आसानी से जमा कर रहे हैं। वहीं, यह सुविधा चालू होने के बाद केवल 15 दिनों में ही नगर निगम को 30 लाख रुपए से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ है। बता दें कि यह सुविधा शुरू करने वाला वाराणसी का नगर निगम उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम है।
वाराणसी नगर निगम द्वारा शुरू की गई एआई चैट बॉक्स की सुविधा से केवल 15 दिनों में ही 700 से ज्यादा लोगों ने अपना भुगतान ऑनलाइन किया है। यही नहीं घर बैठे लोग अपने शिकायत भी दर्ज कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें नगर निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। बता दें कि 6 जून को नगर निगम ने यह सुविधा शुरू की थी। जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, नगर निगम द्वारा जारी किए गए व्हाट्सएप नंबर से भवन स्वामी ऑनलाइन घर बैठे अपना टैक्स जमा कर रहे हैं। इसी बीच 700 से अधिक लोगों ने संपत्ति कर जमा किए हैं। लोगों की माने तो पहले उन्हें नगर निगम में लंबी कारों में खड़े होकर अपना भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा शुरू होने के बाद आसानी से घर बैठे अपनी शिकायतें और कर का भुगतान किया जा रहा है।
संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी के लोगों के लिए नगर निगम ने व्हाट्सएप नंबर जारी किया है और ऐसा करने वाला वाराणसी उत्तर प्रदेश का पहला निगम नगर निगम बना है। इसके माध्यम से लोग आसानी से अपना भुगतान करते हैं और व्हाट्सएप के ही माध्यम से लोगों को उनकी रसीद भेज दी जाती है। उन्होंने भवन स्वामियों से आग्रह किया है कि भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए वे नगर निगम के दफ्तर ना आए और व्हाट्सएप नंबर के जरिए ही लोग अपना बकाया कर जमा करें।
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन माध्यम से कर जमा किए जाने पर 12% की छूट भी दी जा रही है। हालांकि, काउंटर पर जमा करने पर भी 10% की छूट मिल रही है। उन्होंने बताया कि वाराणसी नगर निगम के दायरे में आने वाले भवन स्वामी 15 जुलाई तक इसकी सुविधा उठा सकते हैं और इसकी प्रक्रिया भी पूरी तरह से पारदर्शी और आसान है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने 8601872601 व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। लोग इसे अपने मोबाइल में सेव करके इस पर Hi लिख सकते हैं।
उन्होंने बताया कि Hi लिखे जाने के बाद लोगों से उनकी भाषा पूछी जाएगी और पसंदीदा भाषा चयन करने के बाद अपना संपत्ति कर, मकान नंबर इसमें दर्ज करना होगा। इसके बाद चैट बॉट बकाया जाना चाहते हैं या कुछ और जानना चाहते हैं, इसकी तस्दीक करेगा और भवन स्वामी द्वारा सुविधा अनुसार ऑप्शन चुनने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। वहीं, यदि भुगतान का ऑप्शन चुना जाता है तो क्लिक करते ही ऑनलाइन भुगतान हो जाएगा और इस नंबर से पेमेंट की स्लिप भी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया कि टैक्स जमा करने की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरू की गई थी। इसके बाद लोग इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं।