
Protest against CJP: एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीजेपी के विरोध में और ज्ञानेश कुमार के समर्थन में युवा सड़कों पर उतर चुके हैं। 'युवा परिषद' के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने सीजेपी और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की है। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल युवक और युवतियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का संसद सदस्य पद से इस्तीफा भी मांगा है। युवाओं ने आरोप लगाया कि सीजेपी का यह प्रदर्शन सूची समझी राजनीतिक साजिश का एक हिस्सा है।
वाराणसी के लालपुर स्थित सुभाष भवन से हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सैकड़ो की संख्या में युवक और युवतियां सड़क पर उतर गई। युवाओं का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में था। वही, दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के खिलाफ युवाओं ने भारी आक्रोश दिखाया है। युवाओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग दोनों ही निष्पक्ष रूप से कार्य करते हैं, लेकिन विपक्ष जानबूझकर आरोप लगाकर देश के युवाओं को भड़का रहा है और इस्तीफा की मांग कर रहा है।
इस दौरान युवकों ने 'एक समोसा दो मिठाई, कॉकरोचों की होगी कुटाई' जैसे नारे भी लगाए। इस दौरान युवाओं ने आरोप लगाया कि जो राहुल गांधी वोट चोरी का विरोध कर रहे हैं, असल में वह खुद वोट चोरी करके सांसद बने हैं। वहीं प्रियंका गांधी को भी सांसद चुने जाने पर युवाओं ने सवाल उठाए हैं। युवाओं ने मांग की है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को नैतिक रूप से वोट चोरी की जिम्मेदारी लेकर उन्हें अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।
युवा परिषद का नेतृत्व कर रहीं खुशी रमन भारतवंशी एवं प्रज्ञा परमिता महारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके को खुली चुनौती देते हुए पूछा कि उनके पास इतना पैसा आ कहा से रहा है कि वे लोगों को पिज़्ज़ा वा बर्गर खिला रहे हैं और फाइव स्टार होटल में ठहर रहे हैं। युवाओं ने सवाल किया है कि विदेश से कौन लोग इन्हे फंडिंग कर रहे हैं। वहीं, युवतियों ने आरोप लगाया कि सीजेपी ने आज तक किसी आतंकवादी के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। वे सभी डरपोक और कायर हैं, तभी तो पिछली बार के प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां के लिए अपशब्द काहे गए थे। इस दौरान सीजेपी के लोगों पर रासुका लगाने की भी मांग की गई।