वाराणसी

सीएम योगी सरकार के लिए चुनौती साबित होने वाला है यह महाभियान

शासन की मंशा पर उठ रहे सवाल, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 2 Dec 2017, 5:41 PM IST
CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ सराकर के लिए यह महाभियान चुनौती साबित होने वाला है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में भू माफिया व अवैध बिल्डरों पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं, ऐसे में जो महाभियान चलने वाला है उसमे सरकार साथ देगी या फिर उसे रोक देगी। इसका जल्द खुलासा हो जायेगा।
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यूपी चुनाव में बीजेपी ने भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और सरकार बन जाने के बाद भू माफिया की सूची तक जारी हो चुकी है, लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है तो सरकार कुछ नहीं करती है, जिसके चलते सीएम योगी सरकार की किरकिरी होने लगी है। वीडीए ने जुलाई व अगस्त में १६ अवैध कॉलोनाइजर्स पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था लेकिन शासन ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है। नगर निकास मंत्री सुरेश खन्ना भी कई बार बनारस का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है इसके बाद यह आरोप लगने लगे हैं कि शासन की मंशा ही नहीं है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाये।
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सीएम योगी ने खुद दिया था बयान, अब चलने वाला है महाभियान
सीएम योगी ने खुद कहा था कि दिसम्बर में भूमाफिया व अतिक्रमण किये लोगों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। निकाय चुनाव खत्म हो चुका है और वीडीए एक सप्ताह के अंदर वरुणा कॉरीडोर के किनारे के अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए महाभियान चलाने वाला है इस महाभियान के चलाने के पहले ७६२ लोगों को नोटिस दी जा चुकी है। वीडीए सबसे पहले वरुणा नदी के किनारे ५० मीटर के दायरे में अवैध निर्माण किये भवनों पर लाल निशान लगायेगा और निर्माण हटाने के लिए अधिकतम तीन दिन की मोहलत दे सकता है इसके बाद अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जायेगा।
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क्या होगा बीेजपी विधायकों को
सपा सरकार के समय तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने भी वरुणा किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था, जिसका बीजेपी विधायक ने विरोध किया था। सीएम योगी सरकार के समय भी अभियान चलने वाला था लेकिन उक्त बीजेपी विधायक ने जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के सहयोग से उसे अभियान को चलाने से पहले ही रोक दिया था अब देखना है कि अभियान चलता है तो सीएम योगी सरकार के अधिकारी व विधायक कैसे इसे रोकने का प्रयास करते हैं।
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एक्शन में वीडीए, पार्किंग को लेकर भी अभियान
वीडीए अब एक्शन में आ चुका है और वीडीए ने लगभग १०० से अधिक ऐसी इमारतों की पहचान की है, जहां की पार्किंग में दुकान चलायी जा रही है और सड़क पर वाहन खड़ा किया जाते हैं। वीडीए ऐसे बड़ी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है, जिससे छोटी इमारतों के मालिक स्वंय ही पार्किंग स्थल को खाली करा दे। इसके अतिरिक्त वीडीए की चौपाल भी लगने वाली है, जहां पर आवेदन करके तीन दिन के अंदर नक्शा बनवाया जा सकता है।
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