वाराणसी

जानिए कौन हैं ओमप्रकाश राजभर, जिनका बागावती तेवर देख अमित शाह ने फोन कर बुलाया

ओम प्रकाश राजभर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं...
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Updated: 20 Mar 2018, 1:38 PM IST
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जानिए कौन हैं ओमप्रकाश राजभर, जिनका बागावती तेवर देख अमित शाह ने फोन कर बुलाया

वाराणसी. ओम प्रकाश राजभर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। जिनका लागातार बगावती तेवर देखने के बाद ने अमित शाह ने बात करने के लिए दिल्ली बुलाया। रजनीतिज्ञों के अनुसार, अब गठबंधन कायम रहेगा। जिससे राज्यसभा चुनाव में भाजपा को नौवीं सीट पर जीत पक्की है।

दरअसल, मायावती से विवाद के बाद बसपा से अलग हुए ओम प्रकाश राजभर ने 2004 में राजभर समुदाय के प्रतिनिधित्व करने के लिये सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का गठन किया। उन्होंने पार्टी तो बना ली पर सफलता नहीं मिली। उन्होंने अंसारी बंधुओं का भी साथ पकड़ा, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिला। आखिर में बीजेपी से गठबंधन किया तो 13 साल बाद पार्टी ने पहली बार जीत हांसिल की। चार सीटें जीतने के बाद ओम प्रकाश राजभर भी आखिरकार यूपी विधानसभा पहुंच गए। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। हालांकि, योगी सरकार के खिलाफ लागातर इनके बयान सामने आत रहे हैं।

जानिए कौन हैं ओमप्रकाश राजभर

1981 में कांशीराम के दौर से ओम प्रकाश राजभर ने राजनीतिक पारी की शुरूआत की।

2001 में भदोही का नाम बदलकर संतकबीरनगर रखने को लेकर मायावती से विवाद हुआ और ओम प्रकाश ने बसपा छोड़ दिया।

ओमप्रकाश राजभर भदोहीं को राजभरों के इतिहास से जोड़कर देखते हैं।

बसपा से अलग होकर 2004 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी बनाई।

अखिलेश यादव ने जिन 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था, उसी में से एक राजभर जाति से आते हैं ओम प्रकाश राजभर।

पूर्वांचल की जातिगत गणना में राजभरों की गिनती करीब 18 प्रतिशत है।

पार्टी भले ही चुनाव न जीती हो पर जब भी प्रत्याशी लड़े मजबूती से लड़े और खेल बिगड़ने का काम किया।

बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी से भासपा का गठबंधन किया, उससे मो. मुख्तार परिवार को फायदा हुआ और 2012 के चुनाव में मोहम्मदाबाद व मऊ सदर सीट पर अंसारी बंधु जीते।

2014 में भी ओमप्रकाश राजभर के बीजेपी के साथ जाने की चर्चा थी पर तब गठबंधन नहीं हुआ।

बलिया के रसड़ा में है पैतृक निवास, लखनऊ रहता है राजभर का परिवार। वाराणसी के फतेहपुर गांव में बनाया है पार्टी मुख्यालय।

Updated on:
20 Mar 2018, 1:38 PM IST
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