
वाराणसी. पुलिस प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया। अधिकारियों को इस बात की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जब समस्या के समाधान का आश्वासन दिया जब जाकर प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों के इस तरह सड़क पर उतरने से विभाग के अनुशासन पर सवाल होने लगे हैं।
यह भी पढ़े:-मायावती ने की बीजेपी की राह आसान, सीएम योगी आदित्यनाथ को होगा बड़ा फायदा
पुलिस लाइन स्थित रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण हासिल करने के लिए 347 महिला रंगरूट आयी हुई है। इन रंगरुट को प्रयागराज में 15 दिन की शुरूआती ट्रेनिंग दी गयी थी इसके बाद बनारस भेजा गया है। बुधवार की सुबह महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस लाइन के सामने सड़क जाम कर दिया। प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों का आरोप था कि बीती रात में बाहरी युवक ने बैरक की खिड़की से हाथ डालकर छेड़छाड़ करने का प्रयास किया था। महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने शोर मचाया तो वह भाग गया। इस घटना के बाद आरआई मौक पर भी नहीं आये थे। महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मी का आरोप है कि दो दिन पहले भी एक युवक आया था लेकिन शोर मचाने पर वह भाग गया था। आरोप है कि बैरक के पास सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं है। दीवार इतनी छोटी है कि अराजक तत्व आराम से आ सकते हैं। बैरक से बाथरुप दूर और खुले में है जिससे नहाते समय बाहरी लड़के तांकझांक करते रहे हैं। प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मी का कहना है कि लगातार इस तरह की घटना के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों के आंदोलन की जानकारी मिलते ही कैंट सीओ व आईपीएस डा.अनिल कुमार मौके पर पहुंच गये और उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को समझा कर शांत किया। इसके बाद एसएसपी आनंद कुलकर्णी से पुलिसकर्मियों की वार्ता हुई। एसएसपी ने कहा कि बैरक में बाहरी युवक नहीं जायेंगे। यह सुनिश्चित किया जायेगा। प्रशिक्षु पुलिसकर्मी को किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो उन्हें अधिकारियों को इस बात की जानकारी देनी चाहिए। पुलिस विभाग का अपना अनुशासन होता है इस तरह अनुशासन तोडऩे पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
यह भी पढ़े:-जेब में नोट की गड्डी लेकर जेल गये बाहुबली अतीक अहमद, फोटो से हुआ खुलासा
पुरुषों में बनायी गयी बैरक में महिला पुलिसकर्मी को रखा गया
पुलिस लाइन में जिस बैरक में महिला पुलिसकर्मियों को रखा गया है वह पुरुषों के अनुसार बनायी गयी थी इसलिए खुले में नहाने की व्यवस्था थी और चहारदीवारी भी छोटी बनायी गयी थी। पुलिस लाइन में पहले से ही बैरक की कमी है ऐसे में प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों को पुरुषों के लिए बनाये गये बैरक में ठहराया गया था। पुलिस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाये तो वह भी राम भरोसे है। सुरक्षा के लिए यहां पर खास व्यवस्था नहीं की गयी है जबकि यहां पर जिले भर के पुलिसकर्मी व उनका परिवार रहता है।
यह भी पढ़े:-संत समाज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजी श्रीरामचरितमानस, दिया यह बयान