CM Yogi Adityanath: 'सनातन को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद इतिहास के पन्नों में गुम हो गए, लेकिन भारत की सांस्कृतिक चेतना आज भी पहले की तरह जीवंत है। यह बात सीएम योगी ने वाराणसी में कही।"
"जिन्होंने सनातन को मिटाने का प्रयास किया, आज वे खुद मिट्टी में मिल चुके हैं। आज उन आक्रांताओं का नाम लेने वाला कोई नहीं है लेकिन काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ महादेव मंदिर भारत के स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव की गाथा को आगे बढ़ा रहे हैं।" इसी संदेश के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वाराणसी में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में विपक्ष और विदेशी आक्रांताओं पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद गौरी से लेकर मुगल शासकों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आध्यात्मिक पहचान और सनातन संस्कृति को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे कभी भारत की आत्मा और चेतना को समाप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का ढांचा खड़ा किया था, लेकिन वह सनातन की शक्ति को तोड़ नहीं पाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन केवल मंदिरों के दिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा और संस्कृति में रचा-बसा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सनातन को समाप्त करने की कोशिश की, आज उनका अस्तित्व मिट चुका है, जबकि काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर आज भी भारत के स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्विकास, काशी विश्वनाथ धाम, उज्जैन के महाकाल महालोक और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को नए वैभव के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
सीएम योगी ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आज भी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा और श्रीराम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी करते रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया।