विदिशा

खतरे में….MP के 1000 साल पुराने मंदिर का अस्तित्व, दर्शन को तरस रहे श्रद्धालु

Vijay temple dispute: एमपी में स्थित 11वीं सदी का मंदिर आज भी रहस्यों और विवादों में घिरा है। साल में सिर्फ एक दिन पूजा, बाकी समय ताले में बंद यह ऐतिहासिक धरोहर सवालों के घेरे में है।

2 min read
Feb 08, 2026
bija mandal Vijay temple dispute asi heritage site mp news
bija mandal Vijay temple dispute (फोटो- Patrika.com)

MP News:मध्य प्रदेश के विदिशा शहर के ठीक बीच में स्थित विजय मंदिर को बीजा मंडल (Bija Mandal) के नाम से भी जाना जाता है। परमार काल के दौरान 11वीं शताब्दी के इस मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां बताई जाती है, लेकिन पूजा के लिए कभी मंदिर का ताला नहीं खुलता है।

सिर्फ एक दिन खुलता है मंदिर का ताला

श्रद्धालु वर्ष में एक दिन नागपंचमी पर्व पर बंद गेट के बाहर से ही पूजा कर पाते हैं।बाकी के दिनों में बाहर से भी पूजा प्रतिबंधित है। वैसे तो यह ऐतिहासिक मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण (ASI Heritage Site) में है, लेकिन मंदिर के हालात यह बयां करने के लिए काफी है कि निर्माण की स्थिति दिन ब दिन जर्जर होती जा रही है। बीजा मंदिर को लेकर इतिहासकारों का कहना है कि 17वीं शताब्दी में विजय मंदिर (Vijay Temple) को तोपों से तुड़वा दिया गया था।

काफी समय से पूजा की मांग कर रहा हिंदू पक्ष

वर्तमान में यह एक विवादित स्थल के रूप में भी जाना जाता है। यहां हिन्दू समुदाय पूजा की मांग कर रहे हैं, लेकिन अनुमति नहीं है। स्थापत्य कला पर आधारित इस मंदिर का ढांचा काफी विशाल था। इसके कुछ हिस्से अभी भी यहां में संग्रहालय में सुरक्षित हैं। यही वजह है कि वर्तमान में बीजा मंदिर पर्यटन स्थल के रूप में जाना जा रहा है। यहां पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति है।

न्यायालय तक पहुंचा है मामला

बीजा मंडल का विवाद न्यायालय तक पहुंचा है। शहर के सामाजिक कार्यकर्ता शुभम वर्मा ने हाईकोर्ट ग्वालियर में यहां पूजा की अनुमति के लिए अपील दायर की है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अगस्त में उनकी ओर से अपील दायर कर दस्तावेजों में दर्ज बीजा मंडल मस्जिद के स्थान पर बीजा मंडल मंदिर किए जाने और वर्ष भर पूजा की अनुमति दिए जाने की मांग की है।

हमेशा चर्चा में रहता है बीजा मंडल

बीजा मंडल शहर में अक्सर ही चर्चा में रहता है। खासतौर पर नागपंचमी के पहले सामाजिक संगठन अधिक सक्रिय हो जाता है। स्थानीय विधायक मुकेश टंडन ने भी मंदिर के स्वामित्व को स्थापित करने के लिए एक सर्वेक्षण का प्रस्ताव दिया है। उनका मानना है कि सर्वेक्षण से मंदिर की स्थिति की पुष्टि होगी। फिलहाल न्यायालय में जाने के बाद लोगों से वहां से निर्णय की उम्मीद है। (MP News)

Published on:
08 Feb 2026 01:36 am