MP News: धरने पर बैठे उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। गरीबों के कनेक्शन काटे गए, जबकि लाखों का बकाया होने पर भी भाजपा पार्षदों-नेताओं की सप्लाई चालू है।
Consumers protest: विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के सामूहिक रूप से कनेक्शन काटने के विरोध में उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। 29 दिसंबर को विभाग ने ऑनलाइन प्रणाली के जरिए एक साथ 200 से अधिक कनेक्शन काट दिए, जिससे आक्रोशित नागरिकों ने मंगलवार शाम 4 बजे बिजली कंपनी के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। चौंका देने वाली बात तो तब सामने आई जब सिंधी कॉलोनी की बुजुर्ग महिला आशा देवी ने बताया कि उन्होंने अपनी पायल गिरवी रखकर एक हजार रुपये का बिल जमा किया, इसके बावजूद उनके घर की सप्लाई बहाल नहीं की गई। (mp news)
विदिशा के गंजबासौदा में धरने पर बैठे उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना नोटिस दिए कनेक्शन काटना नियम विरुद्ध है। उन्होंने मांग की कि तत्काल कनेक्शन जोड़े जाएं और बकाया राशि जमा करने के लिए कम से कम 8 दिन का समय दिया जाए। मौके पर पहुंचे सहायक अभियंता (एई) सन्त्री वर्गीस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। उनका तर्क था कि उपभोक्ता बिल जमा कर दें, तो कनेक्शन तुरंत जोड़ दिए जाएंगे। वहीं, उपभोक्ता इस बात पर अड़े रहे कि पहले बिजली चालू की जाए और समय दिया जाए। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण काफी देर तक गतिरोध बना रहा और उपभोक्ताओं का धरना जारी रहा।
धरने पर बैठे उपभोक्ता अनिल पाठक का आरोप था कि कंपनी के कर्मचारी केवल गरीब उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट रहे हैं। भाजपा पार्षदों के कनेक्शन नहीं काट रहे हैं। भाजपा पार्षद का बिल एक लाख के ऊपर है लेकिन फिर भी केवल सात हजार रूपये के चलते मेरा कनेक्शन काट दिया और भाजपा पार्षद का कनेक्शन नहीं काटा गया। वहीं धरने पर बैठे युवक कांग्रेस के अध्यक्ष आकाश शर्मा का कहना है कि बिजली कंपनी पहले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करे, सात दिन का समय दे, कनेक्शन काटे हमे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि बगैर सूचना के कनेक्शन काटेंगे तो हम विरोध करेंगे। वहीं विद्युत वितरण कंपनी के एई सन्त्री वर्गीस का कहना है कि बकायादारों के कनेक्शन काटे गए हैं।
यह वह उपभोक्ता हैं जिनके घरों पर विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं और स्मार्ट मीटर धारक उपभोक्ताओं के ही कनेक्शन एक क्लिक के माध्यम से काटे गए हैं। मीटर में लाइट आ रही हैं जिससे मीटर चालू नजर आता है लेकिन उपभोक्ता की बिजली नहीं जल रही है। कई उपभोक्ताओं ने ती लाइट फिटिंग करने वाले कर्मचारी को बुलाकर अपने घरों की लाइन चेक कराई हैं क्योंकि मीटर में लाइट आने के कारण उन्हें तो यह लग रहा था कि मीटर तक लाइट आ रही है और घर की सप्लाई में फाल्ट आने के कारण कनेक्शन काटा गया है। लेकिन जब आसपास पता किया तो अन्य उपभोक्ताओं का भी यही हाल था. तब जाकर यह ज्ञात हुआ कि विद्युत वितरण कंपनी ने एक क्लिक के माध्यम से उपभोक्ताओं की सप्लाई बंद कर दी है।
कनेक्शन काटने से पूर्व विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए थे लेकिन यह नोटिस पहुंचे ही नहीं हैं और नोटिस वितरकों ने पावती रसीद कंपनी के कार्यालय मैं जमा कर दी है। जिन पर उपभोक्ताओं के हस्ताक्षर नहीं हैं। विभाग यह दावा कर रहा है कि हमने उपभोक्ताओं को नोटिस दिए गए हैं जिसकी पावती है। प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने जब पावती दिखाई तो स्पष्ट हो गया कि विभाग ने पावती फाड़कर अपने पास रख ली, नोटिस उपभोक्ताओं तक पहुंचे नहीं और कनेक्शन काट दिए गए। (mp news)