
Vidisha news: घर में आई लक्ष्मी जी से पूरा परिवार खुश था। पहले बच्चे की खुशियों से घर का माहौल चहक उठा था लेकिन किसी को नहीं पता था कि ये खुशियां सिर्फ थोड़े दिन की ही है। बच्ची के पापा का कहना है कि घर की 'खुशियां मातम में बदल गई है। गंभीर हृदय संबंधी बीमारी के चलते पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के जरिए मध्यप्रदेश के विदिशा से अहमदाबाद लगभग 663 किमी. दूर गई ढाई माह की मासूम अवनी की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिससे परिवार में पहले बच्चे की खुशियां मातम में बदल गई।
पिता ने प्रशासनिक व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप लगाए है। त्योंदा निवासी वीरू कुशवाह ने 29 जून को बच्ची के इलाज में सहायता के लिए जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) पहुंचे थे। चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि बच्ची को तुरंत विशेषज्ञ उपचार चाहिए।
सीएमएचओ के निर्देशन में वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस से बच्ची को 1 जुलाई की रात अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर भेजा गया था। पिता का आरोप है कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से बच्ची को किराए की एंबुलेंस से हॉस्पिटल तक ले गए, यहां तीन दिन उसे वेंटीलेटर पर रखने के बाद उसकी सांसे थम गई। हमारे घर में पहले बच्चे की खुशियां मातम में बदल गई, जैसे-तैसे बच्ची का शव वापस त्योंदा लाए। बच्ची का हृदय का उपचार आयुष्मान योजना से निःशुल्क हुआ लेकिन प्रशासनिक उदासीनता से दो एंबुलेंस का 25 हजार रुपए खर्च परिवार पर भारी पड़ गया।
जानकारी के मुताबिक 4 अप्रैल को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बच्ची का जन्म हुआ था। जहां उसका वजन 2 किलो 400 ग्राम था। 8 माह के गर्भ के दौरान बच्ची के दिल में छेद होने की जानकारी लगी थी। बच्ची 4 दिन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रही, फिर हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया था।
1 जुलाई को अहमदाबाद में बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया गया था, लेकिन उसकी स्थिति और बिगड़ती गई। माता-पिता को अहमदाबाद पहुंचने से उम्मीद जगी थी कि बच्ची ठीक हो जाएगी, लेकिन तीसरे दिन बच्ची की मौत हो गई। एयरपोर्ट से हॉस्पिटल पहुंचने और हॉस्पिटल से त्योंदा आने तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली। करीब 25 से 30 हजार रुपए निजी खर्च हुआ। बच्ची के पिता का कहना है कि हमें प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता मुहैया कराई जानी चाहिए।
बच्ची को गंभीर हालत में शासन की योजना पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के तहत अहमदाबाद भेजा गया था, वहां बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई, उसके शव को वापस लाने में असुविधा तो हुई है। शासन की ओर से बच्ची के परिजनों की जो भी संभव मदद होगी वह की जाएगी।- डॉ रामहित कुमार, सीएमएचओ, विदिशा