Memu Train: मेमू ट्रेन में आखिरकार चार कोच बढ़ाए गए, जिससे यात्रियों को राहत मिली। लगातार भीड़, जानलेवा सफर और दबाव के बाद रेलवे हरकत में आया। अभी एक और मेमू रैक की मांग अब भी अधूरी है।
MP News: मेमू ट्रेन के कोच आखिरकार 1 फरवरी से बढ ही गए है। 8 कोच के साथ चलने वाली मेमू ट्रेन 12 कोच वाले रैंक के साथ आई तो भोपाल बीना के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों राहत मिली है। गौरतलब है कि 8 कोच वाली मेमू ट्रेन में यात्रियों को जगह नहीं मिल रही थी और भीड़भाड़ के चलते कई यात्री जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे थे।
रेलवे संगठन सहित कोच के रैंक साथ मेमू ट्रेन चलाने की मांग रेलवे सहित जनप्रतिनिधियों से कर रहे थे। लेकिन कोई भी रेल यात्रियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे था। ऐसे में पत्रिका लगातार आम लोगों की आवाज बना रहा। मेमू ट्रेन के कम पत्रिका ने लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद रेलवे ने करीब 4 महीने बाद मेमू ट्रेन का 8 कोच वाला रैक बदलकर 12 कोच वाला रैक चलाया है।
मेमू ट्रेन (Memu Train) के 4 कोच बढ़ने से यात्रियों को राहत तो मिली है, लेकिन जिस तरह सुबह भोपाल से मेमू पैसेजर बनकर चलती है, वैसे ही बीना से भी सुबह मेमू पैसेजर के रूप में चलाने की जरूरत है। क्योंकि बीना से भोपाल के बीच कुछ स्टेशन ऐसे भी है जिन पर सिर्फ एक ट्रेन मेमू पैसेजर रूकती है। अगर भोपाल व बीना से एक मेमू पैंसेजर बनकर चलेगी तो ग्रामीण क्षेत्र के रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा होगी। इसके लिए यात्रियों ने रेलवे से मेमू ट्रेन का एक रैंक बढ़ाने की मांग की है।
विदिशा से भोपाल जाने वाली सुबह की आखिरी ट्रेन राज्यरानी सुपरफास्ट में कोच बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस ट्रेन में यात्रियों की फजीहत के चलते मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान भी लिया है, लेकिन कोचों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। भीड़भाड़ के बीच लोग जोखिम भरा सफर कर रहे है और वहीं जेवकतरे भी ट्रेन में पर्स आदि चुरा रहे है। (MP News)
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