
विदिशा@अनिल सोनी की रिपोर्ट...
श्रावण मास के दूसरे सोमवार को सुबह से ही शिवालयों में आस्था की भीड़ उमड़ी। शिव का पूजन करने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भोले को बिल्वपत्र, फूल आदि चढ़ाकर उनका अभिषेक किया गया। शिव मंदिरों में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।
सुबह से ही मंडीबामोरा स्थित हजारिया महादेव मंदिर, माधवगंज स्थित शिवालय, बटेश्वर महादेव मंदिर, जटाशंकर मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर सहित शहरभर के शिवालयों में अल सुबह से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरु हो गया था। भोले का अभिषेक दूध, दही, शहद आदि से किया गया। कई शिवालयों में पंडित ने मंत्रोच्चारण के बीच भोले का अभिषेक श्रद्धालुओं से करवा रहे थे, तो कहीं श्रद्धालु अपने तरीके से भोले का अभिषेक कर उन्हें मनाने का जतन कर रहे थे। माधवगंज शिवालय के आसपास श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ के कारण मेला जैसा दृश्य देखने को मिला।
आपको बाता दें कि पहले सोमवार को भी शिवालयों ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला था। शिवालयों में भगवान भोले का अभिषेक कर पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लगी थी। भोले को जल चढ़ाने के लिए भक्त कतारों में खड़े हुए थे। शिवालयों के पास मेला जैसा दृश्य देखने को मिला।
माधवगंज स्थित शिवालय में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सभी लोग भगवान के दर्शन के लिए लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मंत्रोच्चारण के बीच शिवलिंग का दुग्धाभिषेक किया गया।
इसके बाद श्रद्धालुओं के आने का जो तांता शुरु हुआ, तो दिनभर चलता रहा। स्थिति यह बन रही थी कि श्रद्धालु भोले को जल चढ़ाने और पूजन-अर्चन करने के लिए कतारों में खड़े हुए थे और अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भोले को बिल्वपत्र, पुष्प आदि अर्पित कर उनका पूजन किया गया। वहीं माधवगंज शिवालय के बाहर बड़ी संख्या में फूलमाला, नारियल और प्रसाद आदि बेचने वाले बैठे हुए थे।