बीजेपी का गढ़ रही विदिशा लोक सीट पर एक बार फिर बीजेपी का दबदबा, शिवराज सिंह चौहान ने रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत दर्ज कराई है, तो कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप भानु शर्मा को 8 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा
मध्य प्रदेश में लोक सभा चुनाव (MP Lok Sabha Election Result) में विदिशा सीट (Vidisha Lok Sabha Seat) उन चुनिंदा सीटों में से एक रही है, जिस पर भाजपा काबिज रही है। और यहां के प्रत्याशी भी इस सीट की खासियत रहे हैं। बीजेपी ने यहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टिकट दिया तो वहीं कांग्रेस ने प्रताप भानु शर्मा पर दांव लगाया था। लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा के किले को रिकॉर्ड तोड़ वोटों से फतह कर लिया है। शिवराज सिंह चौहान ने यहां 8,20,868 वोटों के भारी अंतर से कांग्रेस को हराया। कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप भानू शर्मा को करारी हार का सामना करना पड़ा।
बता दें कि विदिशा लोक सभा सीट मध्य प्रदेश की उन चुनिंदा लोक सभा सीटों में से एक है जिन्हें बीजेपी का गढ़ माना जाता है। यहां 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी प्रत्याशी सुषमा स्वराज ने भारी मतों से अपनी जीत दर्ज कराई थी। वहीं 2019 के लोक सभा चुनाव में भी बीजेपी के रमाकांत भार्गव ने 5 लाख से ज्यादा वोटों से अपनी जीत दर्ज कराई थी। उन्होंने कांग्रेस के शैलेंद्र पटेल को हराया था। आजादी के बाद से अब तक हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ दो बार वर्ष 1980 और 1984 में ही जीत हासिल कर सकी है। अन्य सभी चुनावों में जनसंघ, जनता पार्टी और भाजपा ने ही इस संसदीय सीट पर कब्जा जमाया है। 1990 से लेकर अब तक बीते 34 वर्ष से इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी ही जीत दर्ज कराते आ रहे हैं।
विदिशा देश में इसलिए भी चर्चित है क्योंकि यहां पर शांति का नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी यहीं के हैं। यह शहर बेतवा नदी के किनारे हैं और सुंदर घाट के लिए प्रसिद्ध है। राम भगवान के वनवास काल के दौरान भी उनके चरणतीर्थ यहां मौजूद हैं। वहीं उदयगिरी की गुफाएं भी विश्व प्रसिद्ध है। यहीं से लगा सांची स्तूप भी प्रमुख दार्शनिय स्थल है। दुनिया के बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की आस्था का केंद्र भी है। विदिशा लोकसभा सीट के अंतर्गत 8 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, इनमें भोजपुर, सांची, सिलवानी, विदिशा, बासौदा, बुदनी, इछावर और खातेगांव शामिल हैं।