
दुनियाभर में तमाम नदियां बहती हैं। भले ही नदी किसी देश में हो लेकिन उनके मार्ग काफी उलझे हुए होते हैं। यूरोप में ऐसी ही एक नदी है, जिसका नाम डानुबे नदी है। यह नदी यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी नदी है, जो जर्मन ब्लैक फॉरेस्ट से निकलती है। वहीं दूसरी ओर राइन नदी स्विस आल्प्स पर्वत से निकलती है। डानुबे (Danube Rhine river) की खासियत ये है कि जैसे ही यह नदी अपने सोर्स से निकलती है, उसके 23-24 किलोमीटर बाद ही गायब हो जाती है।
बता दें कि डानुबे नदी पूर्व की ओर बहती है जबकि राइन उत्तर-पश्चिमी दिशा में बहती है। ये स्विट्जरलैंड से पास होती है और दक्षिण पूर्वी दिशा से लेक कॉन्सटेंस में जाकर मिलती है। वहीं राइन नदी लेक के पूर्वी दिशा से निकलते हुए डानुबे के साउथ में 120 किलोमीटर तक बहती है। यहां वो स्विस शहर बेसल पहुंचती है। फिर 90 डिग्री दिशा में मुड़ते हुए उत्तर की ओर आगे बढ़ती है।
लेक कॉन्सटेंस के पास आकर दोनों नदियां मिलती हैं। हालांकि डानुबे कभी भी झील में नहीं घुसती है लेकिन उसके पानी का कुछ हिस्सा लेक कॉन्सटेंस में प्रवेश कर जाता है। जैसे ही डानुबे नदी अपने सोर्स से निकलती है, उसके 23-24 किलोमीटर बाद ही गायब हो जाती है। जिस जगह पर ऐसा होता है उसे डानुबे सिंकहोल कहा जाता है। यहां पर ये नदी गुफाओं में प्रवेश कर जाती है और यहां से दक्षिण दिशा में बहने लगती है।
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बता दें कि सबसे पहली बार डानुबे नदी को गायब होते हुए 1874 में देखा गया था। गर्मी के दिनों में यह 155 दिनों के लिए गायब हो जाती थी। लेकिन बाद में अपने आप प्रकट भी हो जाती थी। इसके पानी का कुछ हिस्सा सिंकहोल में गिरता है और बाकी की नदी यूरोप को पार करते हुए रोमानिया में ब्लैक सी में जाकर गिरता है।
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