मूसा ( Musa ) का काफिला जब काहिरा से गुजरा तो वहां उन्होंने इतना दान दे दिया कि उस इलाके में बड़े पैमाने पर महंगाई बढ़ गई थी।
नई दिल्ली। अगर कोई आपसे पूछे कि क्या आप इतिहास के सबसे अमीर आदमी को जानते हैं तो जाहिर सी बात है कि आप इसका जवाब इतनी आसानी से नहीं दे पाएंगे। मगर ये भी हकीकत है कि एक शख्स के पास पास इतनी संपत्ति थी, जिसका अंदाजा लगाना भी बहुत मुश्किल था।
हम जिस शख्स की बात कर रहे है उस शख्स का नाम है मनसा मूसा ( Mansa Musa ) प्रथम, जो टिम्बकटू का राजा था। वर्तमान में टिम्बकटू अफ्रीकी देश माली का एक शहर है। मूसा ने माली पर उस समय हुकूमत की जब वहां भारी तादाद में सोने के भंडार हुआ करते थे। एक अनुमान के मुताबिक उनके राज में एक साल में लगभग 1000 किलो सोने ( Gold ) का उत्पादन होता था।
मनसा मूसा ( Mansa Musa ) का असली नाम मूसा कीटा प्रथम था, लेकिन राजा ( King ) बनने की वजह से उन्हें मनसा कहा जानेेे लगा। जहां मनसा का मतलब बादशाह से था। एक रिपोर्ट के मुताबिक मूसा की सल्तनत इतनी बड़ी थी कि इसके बारे में कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था।
25 साल के अपने शासनकाल में मूसा ने कई मस्जिदों का निर्माण कराया था। जिंगारेबेर मस्जिद का निर्माण भी मूसा के दौर में हुआ था। मूसा की शोहरत का अंदाजा इस वाकये से हो सकता है कि एक बार मूसा मक्का की यात्रा पर निकले थे। मूसा के इस काफिले में करीब 60 हजार लोग शामिल थे, जिनमें से 12 हजार तो केवल उसके निजी अनुयायी थे। उनके घोडे़ के आगे 500 लोगों का एक बड़ा दस्ता था और इन सभी के पास सोने की एक-एक छड़ी थी।
मूसा के काफिले में 80 ऊंटों का एक जत्था भी शामिल था। इनमें से हर एक ऊंट पर 136 किलो सोना लदा था। इसके साथ ही उनकी उदारता के किस्से भी काफी मशहूर है, उनके बारे में कहा जाता है जब वो काहिरा से गुजरे तो वहां उन्होंने इतना दान दे दिया कि उस इलाके में बड़े पैमाने पर महंगाई बढ़ गई थी।