Snake Temple: क्या आपने कभी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है जहां दर्जनों अजगर इंसानों के साथ रहते हैं? बेनिन के पायथन मंदिर की अनोखी कहानी, जहां सांपों को डरावना जीव नहीं बल्कि रक्षक और देवता माना जाता है।
Snake Temple: दुनिया में सांपों को देखते ही अक्सर लोगों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन पश्चिम अफ्रीका के एक छोटे से देश बेनिन (Benin) में एक ऐसा मंदिर है जहां की कहानी बिल्कुल उल्टी है। यहां के पायथन मंदिर (Temple of Pythons) में अजगर केवल रहते ही नहीं हैं, बल्कि वे शहर की जगह पर भी घूमते हैं। आइए जानते हैं श्रद्धा और रोमांच से भरी इस अनोखी जगह के बारे में।
यह मंदिर 'वोडुन' आध्यात्मिक परंपरा का एक बड़ा केंद्र है। यहां सांपों को डर या खतरे का प्रतीक नहीं, बल्कि सुरक्षा का दूत माना जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि दान नाम का एक दिव्य इंद्रधनुषी सर्प हमारी दुनिया और रूहानी दुनिया के बीच का पुल है। इसी आस्था के कारण यहां अजगरों को पालतू जानवर नहीं, बल्कि साक्षात् देवता मानकर पूजा जाता है।
इस मंदिर के अस्तित्व के पीछे एक दिलचस्प ऐतिहासिक कहानी है। कहा जाता है कि 1700 के दशक में ओउइदाह के राजा युद्ध के दौरान दुश्मनों से घिरे हुए थे। जब वे जान बचाने के लिए जंगल में छिपे, तो अचानक दर्जनों अजगरों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और दुश्मनों की नजरों से बचा लिया। इसी कृतज्ञता में राजा ने इस मंदिर का निर्माण कराया, जो आज दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
इस मंदिर की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुजारी इन सांपों को खाना नहीं खिलाते। मंदिर में रहने वाले लगभग 60 रॉयल पायथन्स को रात के समय शहर में खुला छोड़ दिया जाता है। ये सांप आसपास के खेतों और घरों में जाकर चूहों व कीड़ों का शिकार करते हैं।
हैरानी की बात यह भी है कि जब कोई अजगर गांव के किसी घर में पहुंचता है, तो वहां चीख-पुकार नहीं मचती, बल्कि उसका एक वीआईपी गेस्ट की तरह स्वागत किया जाता है। गांव वाले उन्हें बड़े प्यार से वापस मंदिर तक छोड़ कर आते हैं।
पायथन मंदिर अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल इन शांत स्वभाव के अजगरों को देख सकते हैं, बल्कि एक छोटी सी रस्म के बाद उन्हें अपने गले में डालकर फोटो भी खिंचवा सकते हैं। मंदिर के गाइड सुनिश्चित करते हैं कि इंसानों और सांपों, दोनों में से किसी को भी कोई नुकसान न पहुंचे।