लिंपोपो प्रांत ( Limpopo Province ) के लोगों का ऐसा मानना है कि शुरू से ही यहां की रानियों के पास कई असीम ताकतें हैं, और इसी के जरिए रानी बारिश पर अपना नियंत्रण कर सकती हैं।
नई दिल्ली। हिंदू धर्म ( Hindu Religion ) में भगवान इंद्र का जिक्र है जिन्हें बारिश का देवता ( God of Rain ) भी कहा जाता हैं। दक्षिण अफ्रीका में के लिंपोपो प्रांत में एक आदिवासी समुदाय की होने वाली रानी Masalanabo Modjadji के पास बारिश पर नियंत्रण की शक्ति होने की बात की जाती है।
लिंपोपो अफ्रीका ( Africa ) का इकलौता ऐसा प्रांत है, जहां रानियां शासन करती है। Masalanabo Modjadji साल 2023 में इस प्रांत की सातवीं रानी बनेंगी। इस प्रांत के लोगों का ऐसा मानना है कि इन रानियों के पास कई असीम ताकतें हैं, और इसी के जरिए रानी बारिश पर नियंत्रण कर सकती हैं।
Masalanabo Modjadji अभी महज 16 साल की हैं और 2023 में जैसे ही वे 18 की होंगी, उनको प्रांत को चलाने की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। रानी की कम उम्र की वजह से फिलहाल उनके भाई अनौपचारिक तौर पर यहां की बागडोर संभाल रहे हैं।
ऐसा माना जाता है कि आज से 400 साल पहले यहां के आदिवासी जिम्बाब्वे ( Zimbabwe ) से आकर बसे थे, तब पुरुष ही शासन किया करते थे और कुछ भी हासिल करने के लिए आपस में लड़ाइयां करते थे। इस तरह से काफी कत्लेआम मचा करता था।
एक कहावत के मुताबिक, आखिरी पुरुष राजा के सपने में कोई ईश्वरीय ताकत ( Divine Power ) आई, जिसने उसे स्त्रियों को शासन सौंपने के लिए कहा। इसके बाद राजा की बड़ी बेटी ने यहां का राजकाज संभाला। यहां ऐसी मान्यता है कि उस पहली रानी के आते ही प्रांत के हालात सुधरने लगे और लड़ाइयां खत्म हो गईं।
दूसरे प्रांतों के राजा रानी के पास बारिश करवाने की गुजारिश लेकर आने लगे क्योंकि प्रांत के लोगों की ऐसी आस्था थी कि रानी पर बारिश वाले देवता की विशेष कृपा है। हालांकि रानी की जिंदगी बाकी प्रजा के मुकाबले आसान नहीं थी, उसे दूसरी महिलाओं से खुद को अलग साबित करना था।
इसलिए रानी को बड़े समय तक जंगलों ( Forest ) में अकेले ही रहना पड़ा। वहीं से वो पुरुष साथियों को प्रजा को चलाने के लिए आदेश देती, बल्कि अपने ही परिवार के पुरुषों से संबंध बनाकर उनके जरिए बच्चों को जन्म दिया करती। ये पुरुष रानी के लिए केवल बच्चों के जन्म देने का साधन थे।
अगले दो सालों बाद रानी बनने जा रही Masalanabo Modjadji बहुत खास हैं क्योंकि पूरे 50 साल बाद दोबारा इस प्रांत पर रानियों का शासन होने जा रहा है। इससे पहले केवल 3 ही रानियों के बाद ही इस क्वीन किंगडम को नस्लभेद का शिकार होना पड़ा।
इस दौरान उन्हें सिर्फ नाम के ही लिए रानी रहने दिया गया, उनके सारे अधिकार छीन लिए गए। साल 2016 में पूर्व प्रेसिडेंट Jacob Zuma ने इस प्रांत को दक्षिण अफ्रीका में ही खास दर्जा दिया और इस बात के लिए स्वीकृति दी कि अब वे अपना अलग शासन चला सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी रानी संभालेगी।
जब रानी की ताजपोशी की जाएगी तो Masalanabo के पास 100 गांव होंगे, जिन पर उसका ही शासन चलेगा। हालांकि ये अभी तक नहीं देखा जा सका कि क्या इस रानी के पौराणिक कहवातों वाली रानियों की तरह ही बारिश कराने की कोई जादुई ताकत है या नहीं।