यह होटल ( Hotel ) ताएडॉन्ग नदी के बीच में स्थित यांगाक आइलैंड (द्वीप) पर बना हुआ है। कुल 47 मंजिला इस होटल में 1000 कमरे हैं। इसमें चार रेस्टोरेंट, एक बाउलिंग एले और एक मसाज पॉर्लर भी मौजूद है।
नई दिल्ली। उत्तर कोरिया ( North Korea ) एक ऐसा देश है जो कई रहस्य में भरा हुआ है। इसकी एक वजह यह है कि यहां के बारे में लोगों को कुछ ज्यादा मालूम नहीं है। इसलिए उत्तर कोरिया को दुनिया एक रहस्यमय देश ( Mysterious country ) के तौर पर ही जानती है।
जितना दिलचस्प ये देश है उतना ही गज़ब यहां का एक होटल ( Hotel ) भी है। वैसे तो जब भी आप किसी होटल में ठहरते है तो आप किसी मंजिल पर भी बेहिचक घूम सकते है। किसी भी फ्लोर पर मेहमानों को जाने की कोई मनाही नहीं होती है, लेकिन उत्तर कोरिया का यह होटल इस लिहाज से बिलकुल अलग है।
उत्तर कोरिया में एक होटल की पांचवीं मंजिल पर किसी का भी जाना मना है। लोगों का मानना है कि इसके पीछे एक गहरा रहस्य छिपा है। हम जिस होटल की बात कर रहे है उसका नाम है यंगाकडो ( Yanggakdo Hotel ), जो यहां की राजधानी प्योंगयांग ( Pyongyang ) में है।
यह कोई आम होटल नहीं है बल्कि उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा होटल यंगाकडो ही है। जो कि ताएडॉन्ग नदी के बीच में स्थित यांगाक आइलैंड (द्वीप) पर बना हुआ है। कुल47 मंजिला यंगाकडो होटल में कुल 1000 कमरे हैं। इसमें चार रेस्टोरेंट, एक बाउलिंग एले और एक मसाज पॉर्लर भी मौजूद है।
इसका निर्माण कार्य साल 1986 में शुरू हुआ था और 1992 में पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था। इस होटल को फ्रांस ( France ) की कैंपेनन बर्नार्ड कंस्ट्रक्शन ( Barnard Construction Company ) कंपनी ने बनाया था, जिसे साल 1996 में आम लोगों के लिए पहली बार खोला गया था।
यंगाकडो होटल की लिफ्ट में पांचवीं मंजिल का बटन ही नहीं है। ऐसे में कोई भी होटल की पांचवी मंजिल पर जाने की हिम्मत भी नहीं करता। इसको लेकर उत्तर कोरिया ने बेहद ही कड़े और सख्त नियम बनाए हैं, जिसके मुताबिक अगर कोई विदेशी नागरिक पांचवीं मंजिल पर जाता है तो उसे यहां की जेल में हमेशा-हमेशा के लिए कैद कर लिया जाता है।
एक अमेरिकन नागरिक के मुताबिक होटल की यंगाकडो होटल की पांचवीं मंजिल पर किसी बंकर की तरह छोटे-छोटे कमरे बनाए गए है। जिनमें ताले लगे हुए हैं। इन कमरों की दीवारों पर अमेरिका ( America ) विरोधी और जापान ( Japan ) के खिलाफ पेंटिंग्स बनी हुई हैं।
इसके अलावा कुछ तस्वीरें उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ( Kim Jong Un ) के पिता किम जोंग इल की भी हैं। कहते हैं कि वहां बनी हर पेंटिंग ( Painting ) पर लिखा है कि अमेरिका में बनी हर चीज हमारी दुश्मन है अमेरिका से हम हजार बार बदला लेंगे।
जबकि सबसे ज्यादा हैरान यह बात करती है कि उत्तर कोरिया की सरकार का कहना है कि यंगाकडो होटल में पांचवीं मंजिल है ही नहीं। इसलिए वहां ठहर चुके लोगों और उत्तर कोरिया ( North Korea ) की सरकार के अलग-अलग दावे एक ओर अजीब गुत्थी को जन्म देते है।