विदेश

28 भारतीयों को किसने बचाया? भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने तोड़ी चुप्पी

Iran-US War Update: होर्मुज स्ट्रेट के पास हमले के बाद 28 भारतीयों को आखिर किसने बचाया? ईरान के राजदूत ने इस पुरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है। जानिए किसने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन…नीचे पढ़ें पूरी अपडेट।
2 min read
Jul 25, 2026
Ship Attack Rescue Operation
क्या ईरान ने बचाए 28 भारतीय नाविक? फोटो में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली। (सोर्स: ANI)

Ship Attack Rescue Operation: सवाल 28 भारतीयों की है, आखिर उन्हें किसने बचाया? अब तस्वीर भी साफ हो गई है। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट के पास एक LPG टैंकर पर हमला हुआ। जहाज पर 28 भारतीय समेत कई विदेशी क्रू मेंबर सवार थे। घटना के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। ऐसे में ईरान के अधिकारियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि ईरान ने बिना किसी देरी के सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया। क्योंकि यह उनकी जिम्मेदारी है।

हमला होते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

राजदूत मोहम्मद फतहली ने बताया कि मोजाम्बिक के झंडे वाले LPG टैंकर DISHA पर होर्मुज स्ट्रेट के आस-पास हमला हुआ। उन्होंने दावा किया कि जहाज पर दुश्मनों ने हमला किया था। घटना के तुरंत बाद जहाज से ईरानी कोस्ट गार्ड को डिस्ट्रेस कॉल भेजी गई। इसके बाद ईरानी समुद्री और बचाव एजेंसियां बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचीं। तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें 28 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। सभी नाविक सुरक्षित हैं और उनकी तबीयत भी ठीक है।

भारतीय दूतावास ने भी दी राहत की खबर

वहीं इस मामले पर ईरान में भारतीय दूतावास ने भी इस घटना की पुष्टि की। दूतावास ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। वह लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। क्रू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनकी स्थिति भी ठीक है।

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर क्या बोला ईरान?

राजदूत फतहली ने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा आपसी सहयोग, भरोसे और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान से ही संभव है। लेकिन बाहरी ताकतों की वजह से वहां की स्थिति नाजुक बनी हुई है। निश्चित तौर पर होर्मुज में तनाव बढ़ा हुआ है। इसकी सुरक्षा के लिए हम जिम्मेदार हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान भविष्य में भी सभी मर्चेंट जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियां पूरी करता रहेगा, चाहे वे किसी भी देश के नागरिक क्यों न हों।

Also Read
View All
‘बिना डर के लोगों को शांतिपूर्ण विरोध करने का मौका मिलना चाहिए’, UN में उठा दिल्ली छात्र प्रदर्शन का मुद्दा

ट्रंप की यूरोप को सीधी चेतावनी, अमेरिकी टेक कंपनियों पर भारी जुर्माने के बदले भुगतना होगा अंजाम, लगेगा भारी टैरिफ

होर्मुज संकट पर अमेरिका-ब्रिटेन का प्लान, शिपिंग सुरक्षा के लिए बनेगा अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन, लंदन में होगी बैठक

ईरानी जलक्षेत्र में 28 भारतीयों वाले LPG टैंकर पर हमला, दूतावास बोला- सभी नाविक सुरक्षित

ईरान पर अमेरिकी के दो अलग दावे! रक्षा मंत्री ने कहा- रूस-चीन संघर्ष में शामिल, डोनाल्ड ट्रंप बोले- मुझे दोनों पर भरोसा है