
US Iran War - अमरीका के ईरान पर एक बार फिर हमले से होर्मुज जल- मार्ग का संकट वापस बढ़ गया है। इसकी आंच भारत तक आती दिख रही है। अभी भारत के करीब 9 जहाज होर्मुज में फंसे हैं, जबकि आस-पास के इलाकों में करीब 28 जहाज हैं। इस संकट की आंच के चलते अब भारत को होने वाली ऊर्जा-ईंधन की आपूर्ति पर नजरें टिक गई हैं। होर्मुज में आवाजाही पर संकट आते ही क्रूड ऑयल, एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। इस बीच अमेरिका और ईरान ने अपने अपने बयानों में युद्ध जारी रखने की बात कही है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से खरीदता है। खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल भारत आता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। ऐसे में समुद्री रास्तों में बाधा आने पर आयात लागत तेजी से बढ़ सकती है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार खाड़ी में फंसे कच्चे तेल और एलपीजी के नौ टैंकरों को सुरक्षित मार्ग दिए जाने के लिए ईरान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत कर रही है। इन जहाजों पर 198 भारतीय नाविक सवार हैं।
अभी भारत के होर्मुज में करीब 9 जहाज हैं। इनमें मुख्य रूप से कच्चे तेल और एलपीजी लाने वाले टैंकर हैं। होर्मुज के आस-पास करीब 28 जहाज और भी हैं। इनमें फल- सब्जी, मांस जैसे उत्पाद हैं। हालांकि पिछले दो दिन में तनाव बढऩे के बाद भारतीय झंडे लगे 18 जहाज होर्मुज पास कर चुके हैं।
इधर अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने गुुरुवार को कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जहाजों को निशाना बनाया तो अमरीका 20 गुना ताकत से जवाब देगा। ट्रंप ने दावा किया कि कुछ समय पहले ईरान की ओर से फोन आया था।
ईरानी विदेश मंत्री अबबास अराघची ने कहा कि ईरान जैसी सभ्य और साहसी जनता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल महानता को कम नहीं कर सकता। हम अभद्रता का जवाब साहसिक कार्रवाई से देते हैं।
9 जहाज होर्मुज में फंसे,
28 आस-पास के इलाकों में मौजूद
2 दिन में 18 जहाज होर्मुज पास कर चुके
तनाव बढऩे के बाद भी भारतीय झंडे लगे जहाज निकले
कच्चे तेल और एलपीजी लाने वाले हैं टैंकर