बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के लड़ाकों ने बलूचिस्तान प्रांत के कई शहरों पर कब्जा करने के उद्देश्य से धावा बोल दिया। इस दौरान BLA के लड़ाकों और पाकिस्तानी आर्मी के बीच जंग छिड़ गई। इस हमले में BLA के 58 लड़ाकों सहित 10 पाक जवानों की मौत हुई। पढ़ें पूरी खबर...
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार सुबह बलूच अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने एकसाथ 12 जगहों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इन हमलों में कम से कम 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 58 विद्रोहियों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि हमले राज्य के पांच जिलों- क्वेटा, ग्वादर, पासनी, मस्तुंग और नुश्की में एकसाथ किए गए। आतंकियों ने बंदूकधारी हमलावरों और आत्मघाती विस्फोटों का सहारा लिया। क्वेटा में तैनात एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि क्वेटा में ही कम से कम चार पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है। हमलों की जिम्मेदारी बीएलए ने ली है। संगठन ने दावा किया कि उसका लक्ष्य सैन्य ठिकाने, पुलिस बल और नागरिक प्रशासन के अधिकारी थे। बीएलए ने इन हमलों को अपने ऑपरेशन हीरोफ के दूसरे चरण की शुरुआत बताया है।
हमलों के बाद पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई शहरों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी भी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये हमले समन्वित जरूर थे, लेकिन खराब तरीके से अंजाम दिए गए।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण आतंकवादी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सके और हमले जल्दी ही नाकाम हो गए। हालात अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं बताए जा रहे हैं। बलूचिस्तान पिछले कई दशकों से अलगाववादी हिंसा का सामना कर रहा है। खनिज संसाधनों से भरपूर इस प्रांत में विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षाबलों, विदेशी नागरिकों और अन्य प्रांतों से आए लोगों को निशाना बनाते रहे हैं।