Qatar Helicopter Crash: मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, तकनीकी खराबी के कारण सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश होने से कतर में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
Qatar Helicopter Accident: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच कतर से बड़ी आई खबर है। ताजा जानकारी के मुताबिक, तकनीकी खराबी के चलते सेना का एक हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्रैश हो गया, जिसमें सवार 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पूरा इलाका जंग की आग में झुलस रहा है।
28 फरवरी को इजरायल-यूएस (Israel–United States) के संयुक्त हवाई हमलों के बाद से मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचा हुआ है। हालात बेकाबू हो गए हैं। अली खामनेई की मौत के बाद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और अन्य अहम ठिकानों सहित इजरायल को निशाना बना रहा है। इसी उथल-पुथल के माहौल में आया यह हेलीकॉप्टर हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से सुलग रही अस्थिरता पर एक और चोट की तरह महसूस हो रहा है। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ हादसा था या तनाव की आग में छिपा कोई और खतरा?
कतर हेलीकॉप्टर क्रैश में सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, मृतकों में एक तुर्की सैनिक और तुर्की की डिफेंस कंपनी ऐस्लेशन (Aselsan) के दो कर्मचारी शामिल हैं।
तुर्की के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, क्रैश के तुरंत बाद ही खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप हेलीकॉप्टर का मलबा और उसमें सवार लोगों के शव बरामद कर लिए गए।
मंत्रालय ने पुष्टि की कि मृतकों में कतारी सशस्त्र बलों के चार जवान, तुर्की सशस्त्र बलों का एक सदस्य और ऐस्लेशन (Aselsan) के दो टेक्नीशियन शामिल थे।
इससे पहले जानकारी साझा करते हुए कतर के गृह मंत्रालय ने बताया था कि कतर के समुद्री क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि लापता हुए आखिरी व्यक्ति की तलाश के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है।
सैन्य संघर्ष के 23वें दिन हमलों और जवाबी कार्रवाई का दौर जारी है। इस बीच खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने ईरान के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि खाड़ी देश सैन्य कार्रवाइयों में शामिल हैं। जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैइवी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
इतना ही नहीं अलबुदैइवी ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह खाड़ी देशों पर लगातार खुलेआम हमले कर रहा है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल प्रतिष्ठानों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी देशों और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान पर आरोप है कि वह खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक ढांचे पर हमले कर रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि वह सिर्फ अमेरिका के हितों को टारगेट कर रहा है। ईरान ने कुछ खाड़ी देशों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अमेरिका को अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल करने की खुली छूट दी।
रविवार को ही बहरीन ने बताया कि उसके रक्षा बल ने युद्ध शुरू होने के बाद से 145 मिसाइलों और 246 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट किया है।