Afghanistan Pakistan Airstrike: पाकिस्तान के पक्तिका एयरस्ट्राइक में किए गए हमले की तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद ने निंदा की है।
Afghanistan Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव फिर भड़क उठा है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत पर हवाई हमला (Afghanistan Pakistan Airstrike 2025) किया, जिसमें 10 लोग मारे गए, जिनमें 3 क्रिकेटर शामिल हैं। हमला उरगुन जिले में हुआ, जहां क्रिकेट मैच के बाद खिलाड़ी इकट्ठे थे। अफगान सरकार (Afghan Government) ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। स्थानीय लोगों ने शव दफनाए, लेकिन उनका गुस्सा ठंडा नहीं हुआ।
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तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी सेना ने फिर नागरिक इलाकों पर बमबारी की, जिसमें कई शहीद और घायल हुए।" मुजाहिद ने इसे भड़काऊ और युद्ध लंबा खींचने वाला बताया। लेकिन उन्होंने शांति पर जोर दिया। "अफगानिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा में विश्वास करता है।"
मुजाहिद ने बताया कि दोहा में पाकिस्तानी पक्ष से वार्ता का वादा निभाया। रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद के नेतृत्व में उच्च स्तरीय टीम दोहा रवाना हो गई। "हम वार्ता की गरिमा बनाए रखेंगे।" तालिबान ने नई कार्रवाई से परहेज का फैसला लिया। लेकिन जवाब का अधिकार सुरक्षित रखा।
मुजाहिद ने कहा, "पाकिस्तान की आक्रामकता का परिणाम जो भी हो, हम शांतिपूर्ण समाधान चाहते।" तालिबान ने सीजफायर का पालन करने का निर्देश दिया, जब तक पाक न रोके। यह फैसला क्षेत्रीय शांति के लिए सकारात्मक। लेकिन हमलों को दोहराने पर सख्ती का संकेत।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव पर बयान दिया। "पाकिस्तान ने हमला किया, लेकिन सुलझाना आसान।" उन्होंने कहा कि उन्हें युद्ध रोकना पसंद, लाखों जिंदगियां बचाई। ट्रंप ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान को सुलझाने की इच्छा जताई। लेकिन अमेरिका चलाने का बहाना भी।
यह पहला हमला नहीं। अक्टूबर 2025 में पाक ने काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका पर हमले किए, TTP टारगेट। तालिबान ने 9 सैनिकों की मौत बताई। दोनों ने 48 घंटे सीजफायर किया, लेकिन पाक ने तोड़ा। अफगानिस्तान ने संप्रभुता भंग करने का आरोप लगाया।
दोहा वार्ता को आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन तालिबान टीम पहुंची। पाक ने TTP पर फोकस किया, लेकिन सिविलियन मौतें विवाद। तालिबान ने कहा कि हमले उकसावे वाले। क्षेत्रीय शांति के लिए सफलता जरूरी। भारत जैसे देशों पर असर – स्थिरता बढ़ेगी। (IANS)