अफगानिस्तान और पाकिस्तान एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़े। दोनों देशों की तरफ से अब भी गोलाबारी जारी है। ड्रोन से अटैक दिए जा रहे हैं। मासूम जनता से लेकर दोनों तरफ के सैनिक मारे जा रहे हैं। इस बीच अफगान सरकार के प्रवक्ता का भारत को लेकर बड़ा बयान सामने आया है।
Afghanistan-Pakistan War: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ चुका है कि हालात एक बड़े युद्ध जैसे हो गए हैं। सीमा पर गोलाबारी रुकने का नाम नहीं ले रही, ड्रोन हमलों से लेकर दोनों तरफ आम लोगों और सैनिकों की जानें जा रही हैं। ऐसे माहौल में सबकी नजर इस बात पर थी कि क्या इन घटनाओं में भारत की कोई भूमिका है? इसी सवाल पर अब अफगान सरकार के प्रवक्ता का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
अफगान सरकार के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद से जब यह पूछा गया कि क्या भारत का इस्लामिक अमीरात या TTP से कोई बड़ा रिश्ता है, और क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव के पीछे भारत का हाथ है, तो उन्होंने इसे पूरी तरह झूठ बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे दावे बेबुनियाद हैं और सिर्फ़ लोगों को गुमराह करने और एक राजनीतिक एजेंडा चलाने के लिए फैलाए जा रहे हैं।
मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान के भारत और पाकिस्तान... दोनों के साथ सामान्य कूटनीतिक रिश्ते हैं। अफगानिस्तान ने कभी भी अपने देश को दूसरे देशों की प्रॉक्सी लड़ाई का मैदान नहीं बनने दिया। इस्लामिक अमीरात को न तो किसी देश के खिलाफ इस्तेमाल किया गया है और न ही बाहरी ताकतों ने उस पर असर डाला है।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के भारत से अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन वे पाकिस्तान के खिलाफ नहीं हैं। और पाकिस्तान से रिश्ते भी भारत के खिलाफ नहीं हैं।
अंत में उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा झगड़े के लिए भारत को जिम्मेदार बताना बिल्कुल गलत है और अफगानिस्तान इस दावे को पूरी तरह खारिज करता है।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने कतर के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअज़ीज अल-खुलैफी से फोन पर बातचीत की। अफगान विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान बातचीत चाहता है, लेकिन अगर उसकी संप्रभुता पर हमला होता है, तो जवाब देना भी अच्छी तरह जानता है।
इस बातचीत में दोनों ने हाल ही में अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सैन्य सरकार के बीच हुई झड़पों समेत अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। मुत्तकी ने बताया कि अफगान सुरक्षा बलों ने जो कदम उठाए, वे देश की संप्रभुता, हवाई क्षेत्र और क्षेत्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए थे, और इसके तहत तय किए गए लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरे हुए।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान शुरू से हिंसा के खिलाफ रहा है और हमेशा बातचीत और सम्मान के जरिए समाधान चाहता है, लेकिन यह तभी संभव है जब दूसरा पक्ष भी गंभीरता दिखाए। कतर ने मुद्दों के स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि वह स्थिति संभालने में मदद जारी रखेगा। दोनों देशों ने संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति जताई।