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खुद जंग की स्थिति में पहुंचने वाला ईरान पाक-अफगान युद्ध को लेकर दिया बड़ा बयान, ताजा रणनीति से बौखला उठेंगे ट्रंप

रमजान के पवित्र महीने में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दोनों देशों से संवाद और अच्छे पड़ोसी रिश्तों के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की है।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 27, 2026

ईरान पाक-अफगान युद्ध। (फोटो- IANS)

रमजान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। दोनों तरफ से जोरदार हमले हुए हैं। इस बीच, अमेरिका से जंग के कगार पहुंचे ईरान ने बड़ा बयान दिया है। नई रणनीति से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी बढ़ सकती है।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को अफगानिस्तान और पाकिस्तान से बातचीत और अच्छे पड़ोसी के तौर पर अपने मतभेद सुलझाने की अपील की है। साथ ही दोनों देशों के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए अपना सपोर्ट देने का ऐलान किया है।

यह तनाव कम करने का महीना है- ईरान

विदेश मंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा कि रमजान का पवित्र महीना चल रहा है, जिसमें आध्यात्मिक सोच-विचार पर ध्यान दिया जाता है। यह तनाव कम करने और इस्लामिक दुनिया में एकता को बढ़ावा देने का मौका होता है।

उन्होंने कहा- रमजान सेल्फ-डिसिप्लिन और इस्लामिक दुनिया में एकता को बढ़ावा देने का महीना है। ऐसे में अफगानिस्तान और पाकिस्तान अच्छे पड़ोसी के तौर पर अपने मतभेद और बातचीत से सुलझाएं।

ईरान हर तरह से मदद करने को तैयार

अराघची ने आगे कहा कि ईरान काबुल और इस्लामाबाद के बीच तनाव कम करने व सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार है। उनकी यह बात हाल ही में बॉर्डर पार हुई घटनाओं के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच आई है।

ईरान दोनों देशों के साथ बॉर्डर शेयर करता है और पहले भी विवादों को सुलझाने के लिए इलाके में स्थिरता और डिप्लोमैटिक बातचीत की अहमियत पर जोर दे चुका है।

55 पाक सैनिक मारे गए

इस बीच, अफगानिस्तान के नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि गुरुवार को डूरंड लाइन पर किए गए जवाबी ऑपरेशन में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।मिनिस्ट्री ने कहा कि यह कार्रवाई 26 फरवरी को रात 8:00 बजे शुरू की गई।

अफगानिस्तान की ओर से यह कार्रवाई पाकिस्तानी मिलिट्री फोर्स द्वारा कुछ दिन पहले अफगान इलाके में की गई घुसपैठ के जवाब में की गई थी।

बयान में कहा गया- कुछ दिन पहले, पाकिस्तानी मिलिट्री ग्रुप ने अफगान इलाके में घुसपैठ की, हमारी सीमाओं को तोड़ा और यहां महिलाओं और बच्चों को शहीद कर दिया।

पाक के हमले में कितने मारे गए?

बयान में आगे कहा गया- डूरंड लाइन पर इन जवाबी कार्रवाई में कुल 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, दो बेस और 19 पोस्ट पर कब्जा कर लिया गया।

इस हमले के बाद पाकिस्तान ने भी अफगान तालिबान शासन को निशाना बनाकर 'गजाब लिल हक' ऑपरेशन शुरू किया। पाकिस्तान की ओर से कहा गया- 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं, 27 तालिबान पोस्ट तबाह हो गईं और नौ पर कब्जा कर लिया गया।

इससे पहले, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए हैं। अच्छी बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।