इजराइल ने ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पांच दिनों तक पावर प्लांट पर हमला न करने की घोषणा को गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया। पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे। इजराइली राजदूत रूवेन अजार ने भी ऑपरेशन जारी रखने की पुष्टि की।
ईरान युद्ध के बीच इजराइल का बड़ा बयान सामने आया है। जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले पांच दिनों तक ईरान में पावर प्लांट और ऊर्जा संयंत्रों पर हमला नहीं करने की घोषणा की है। वहीं, इजराइल ने ताजा बयान से सीधा संकेत दे दिया है कि वह ट्रंप की बात को गंभीरता से नहीं लेगा।
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कह दिया है कि वह ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा-हम ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं क्योंकि हमारे पास ईरान और खासकर लेबनान में अभी भी सैन्य लक्ष्य हैं।
अजार ने कहा- हिजबुल्लाह ने हमारे खिलाफ हमले जारी रखे हैं, वे इजराइल पर मिसाइलें और रॉकेट दाग रहे हैं। इसलिए हम भी जवाब देंगे। उन्होंने एकतरफा तौर पर इसकी शुरुआत की थी और उन्हें यह पता होना चाहिए कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
इजराइली राजदूत ने कहा- अपनी रक्षा के लिए हमें जो कुछ भी करना होगा और हम करेंगे। साथ ही उन्होंने खुले तौर पर यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भले ही अस्थायी रूप से ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने से बचने को कहा है। इस बात का मतलब यह नहीं है कि हम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना छोड़ देंगे। हम अभी ईरान में हमले कर रहे हैं।
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। अभी भी जंग जारी है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को राहत दी है। उन्होंने अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा संयंत्रों पर हमला नहीं करने की घोषणा की है।
ट्रंप का यह भी दावा है कि उनकी ईरान से युद्ध को लेकर पॉजिटिव बातचीत चल रही है। उधर, ईरान की ओर से दावा किया गया है कि पाकिस्तान में युद्ध को लेकर ट्रंप से बातचीत हो सकती है।
इस बीच, इजराइल ने ईरान पर हमले कर तेज कर दिए हैं। वहीं, ईरान भी इजराइल को कड़ा जवाब दे रहा है। मंगलवार को ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल तेल अवीव में आकर गिरी। धमाके में कई लोग घायल हो गए और इमारतों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा।