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हॉर्मुज स्ट्रेट में नया बवाल, चीनी जहाज को भी ईरान ने रोका, रेडियो पर मैसेज मिलते ही बदलना पड़ा रास्ता

Strait Of Hormuz ईरान ने चीन के एक जहाज को बिना मंजूरी दिए गुजरने नहीं दिया और उसे वापस लौटा दिया। मुंबई स्थित ईरानी महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर इसकी पुष्टि की।
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Apr 19, 2026
Iran Parliament introduces bill on Strait of Hormuz.
हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC।(File Photo - IANS)

China Ship Turned Back हॉर्मुज स्ट्रेट से एक और बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने चीन के एक जहाज को भी बिना मंजूरी के गुजरने नहीं दिया और उसे वापस मुड़ने पर मजबूर कर दिया।

ये घटना इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि एक दिन दिन पहले ईरान के गनबोट्स ने भारत के जहाजों पर गोलीबारी कर दी थी। अब चीन जैसे बड़े देश का जहाज भी रास्ता बदलने को मजबूर हो गया है। मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर पोस्ट करके इसकी पुष्टि की।

सन प्रॉफिट जहाज को क्यों रोका गया?

ईरानी दूतावास ने बताया कि 'सन प्रॉफिट' नाम का चीनी जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट के पास पहुंचा, लेकिन इजाजत नहीं मिली तो उसे अपना रास्ता बदलना पड़ा। ईरान ने साफ कहा कि वो किसी भी देश को ब्लैंकेट अप्रूवल नहीं देता।

मतलब एक बार मंजूरी देने से सबको रास्ता नहीं मिलेगा। हर जहाज को अलग-अलग परमिशन लेनी होगी। ईरान का कहना है कि बिना मंजूरी के कोई भी जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से नहीं गुजर सकता। ये उनका सख्त नियम है।

भारत के जहाजों पर गोलीबारी की घटना

इससे पहले शनिवार को हॉर्मुज स्ट्रेट में भारत के दो जहाजों पर फायरिंग की खबर आई थी। भारतीय झंडे वाले इन जहाजों को ईरानी गनबोट्स ने रोका और गोली चलाई। हालांकि, इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन मामला काफी गंभीर था।

भारत सरकार ने इस मामले में तुरंत एक्शन लिया। विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को बुलाया। विदेश सचिव ने भारत की गहरी चिंता बताई और कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों को रास्ता देने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। ईरानी राजदूत ने ये बात अपने अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया।

भारत के लिए क्यों है ये मुद्दा इतना बड़ा?

हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्ता है। भारत अपना 60 प्रतिशत से ज्यादा तेल इसी रास्ते से आयात करता है। अगर यहां रुकावट बढ़ी तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं और आम आदमी पर असर पड़ेगा।

चीनी जहाज का वापस लौटना दिखाता है कि ईरान इस समय बहुत सख्ती बरत रहा है। वो अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच किसी को भी आसानी से गुजरने नहीं दे रहा।

ईरान का संदेश

ईरान का साफ कहना है कि वो हर जहाज की अलग से जांच करेगा। कोई भी देश सोचे कि पुरानी दोस्ती के आधार पर सब कुछ आसान हो जाएगा, तो ऐसा नहीं है। सन प्रॉफिट जहाज का मामला इसका ताजा उदाहरण है।

Updated on:
19 Apr 2026 04:27 pm
Published on:
19 Apr 2026 04:27 pm