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क्या हॉर्मुज में तैनात अमेरिकी सैनिकों को नहीं मिल रहा भोजन? बवाल बढ़ने के बाद युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने दिया जवाब

अमेरिका के युद्ध मंत्री पिट हेगसेथ ने होर्मुज स्ट्रेट में तैनात USS लिंकन और USS ट्रिपोली पर खाने की कमी की खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने मीडिया को ‘फरीसी प्रेस’ कहकर तंज कसा और कहा कि दोनों जहाजों पर 30 दिन से ज्यादा का खाना स्टॉक है।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 19, 2026

अमेरिकी सेना का सबसे ताकतवर युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन। (फोटो- The Washington Post)

अमेरिका के युद्ध मंत्री पिट हेगसेथ ने एक बार फिर मीडिया पर तीखा हमला बोल दिया है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तैनात दो बड़े युद्धपोतों पर खाने की कमी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं, इस खबर को जारी करने वाले पत्रकारों को 'फरीसी प्रेस' कहकर मजाक उड़ाया है।

हेगसेथ ने साफ कहा कि ये खबरें बिल्कुल बेबुनियाद हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ तस्वीरों में नाविकों के प्लेट में कम खाना दिखाया गया था, जिससे दावा किया जा रहा था कि जहाजों पर भोजन संकट है और नाविक भूखे रह रहे हैं।

हेगसेथ ने एक्स पर लिखा- अमेरिकी नेवी की हालत हॉर्मुज में बिल्कुल सही है। फरीसी प्रेस ने फिर फेक न्यूज फैलाई। मेरी टीम ने लिंकन और ट्रिपोली दोनों जहाजों की लॉजिस्टिक्स चेक की। दोनों पर 30 दिन से ज्यादा का खाना स्टॉक है। नेवी सेंट्रल हर रोज हर जहाज की मॉनिटरिंग करती है।

कब और कैसे शुरू हुआ खाने का विवाद?

दरअसल, कुछ दिन पहले क्रू मेंबर्स के नाम से कुछ पोस्ट वायरल हुए थे। उनमें लिखा था कि नाविक हर वक्त भूखे रहते हैं और खाने की क्वालिटी भी ठीक नहीं है।

इन पोस्ट के साथ प्लेट की तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिनमें बहुत कम भोजन दिख रहे थे। ये पोस्ट तेजी से फैले और दुनिया भर में चर्चा होने लगी। खासकर ईरान के पास हॉर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बीच ये खबर और भी संवेदनशील हो गई।

अमेरिकी नेवी का भी आया जवाब

अमेरिकी नेवी ने भी आधिकारिक बयान जारी करके इस मामले में सब कुछ साफ कर दिया। नेवी ने कहा कि खाने की कमी या खराब क्वालिटी की कोई बात नहीं है।

उन्होंने कहा- हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन लॉजिस्टिक्स है। कभी-कभी मेन्यू में छोटे बदलाव करते हैं ताकि जहाज ज्यादा दिन तक समुद्र में रह सके।

नेवी ने ये भी बताया कि इलाके में मेल डिलीवरी पर लगी अस्थायी रोक हटा दी गई है। अब परिवारों से आने वाले पैकेट फिर से पहुंचने लगेंगे।

ईरान का तंज और ऑपरेशन का नाम

ईरान के दूतावास ने यूके में ट्वीट करके मजाक उड़ाया। उन्होंने लिखा- वे चाहते हैं कि नाविक शौचालय कम इस्तेमाल करें!" ये पुरानी USS जेराल्ड आर फोर्ड वाली शौचालय समस्या का इशारा था। ईरानी अधिकारी लगातार इस तरह के तंज कस रहे हैं।

हेगसेथ ने कहा कि हमारे नाविकों को सबसे अच्छा खाना और सुविधाएं मिलनी चाहिए और मिल भी रही हैं। ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत तैनात इन जहाजों पर हर चीज की निगरानी चल रही है।

कुल मिलाकर ये विवाद एक बार फिर दिखाता है कि आजकल छोटी-छोटी खबरें भी कितनी तेजी से वायरल हो जाती हैं और उन्हें सही तथ्यों के साथ काउंटर करना कितना जरूरी है। अमेरिकी नेवी की तैयारी पर कोई सवाल नहीं, बस मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स ने बवाल खड़ा कर दिया।