
अमेरिका हमले के बाद ईरान ने कुवैत पर मिसाइल दाग दी है, जिसमें कई सैनिक घायल हो गए हैं। वहीं, आर्मी कैंप को भारी नुकसान हुआ है। इस हमले के बाद कुवैत की सेना में हड़कंप मच गया है। जो सैनिक घायल हुए हैं, वे कुवैत लैंड फोर्स के जवान हैं।
ईरान ने कुवैत की सेना के कई कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल खालिद दिर्ज साद अल-श्रेयान खुद घायल सैनिकों के पास पहुंचे और उनका हालचाल लिया।
ईरानी हमले के बाद आधिकारिक बयान में कहा गया कि कई सुविधाएं और सैन्य कैंप प्रभावित हुए हैं। इस घटना के बाद घायल जवानों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
सेना प्रमुख ने डॉक्टरों से भी घायलों के स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने घायल सैनिकों का हौसला बढ़ाया और कहा कि पूरी सेना उनके साथ है।
ईरान ने इससे पहले कुवैत के पावर ग्रिड और कुछ अन्य महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाया था। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके किए गए खतरनाक ईरानी हमले की निंदा की है।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि इसमें एक पावर स्टेशन और पानी को खारेपन से मुक्त करने वाले प्लांट (डिसैलिनेशन प्लांट) को निशाना बनाया गया है।
मंत्रालय ने ईरान के इन हमलों को कुवैत देश की संप्रभुता, उसकी सुरक्षा और उसके इलाकों की हिफाजत का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून व अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा- आक्रामक रवैये का जारी रहना तनाव को बहुत खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकता है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय नियमों को खुली चुनौती है।
बता दें कि अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर बड़े हमले किए हैं, जिसमें आठ लोग मारे गए और 20 घायल हो गए हैं। ईरान के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी हमले से दक्षिणी ईरान में पुल, एयरपोर्ट, पावर स्टेशन और एक ट्रेन स्टेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है।
इस हमले के बाद ईरान काफी गुस्से में हैं। उसने साफ कह दिया है कि जब तक शांति बहाल नहीं होती तब तक वह हमले नहीं रोकेगा। वह दुश्मनों को जवाब देता रहेगा।