
US के नए हमलों से चाबहार पोर्ट डैमेज, ईरान बोला- हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र को बनाएंगे (सोर्स: ANI)
US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों ही देश एक -दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच अब खबर आ रही है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर एयर स्ट्राइक की है।
अमेरिका का दावा है कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था। वहीं, ईरान ने इसे गंभीर हमला बताते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर निशाना बनाया गया तो पूरे वेस्ट एशिया में अमेरिकी ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ओमान की खाड़ी स्थित चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक पोर्ट पर मौजूद एक सर्विलांस टावर गिर गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें टावर गिरता हुआ दिखाई दिया।
बता दें इकोनॉमिक दृष्टि से चाबहार पोर्ट ईरान का अहम बंदरगाह है। यह अफगानिस्तान के लिए भी एक महत्वपूर्ण ट्रेड रूट माना जाता है। इसके विकास में भारत की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ईरानी मीडिया ने बताया कि पोर्ट पर यह तीसरा हमला था। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने तुरंत विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रातभर हुए हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए।
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने के लिए की गई। वहीं IRNA समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के कई हिस्सों का इंफ्रास्ट्रक्चर भी इन हमलों से प्रभावित हुआ है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 22 जून से जारी संघर्ष में अब तक 38 लोगों की मौत और 400 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
हमलों के बाद ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। ईरानी के वरिष्ठ प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने कहा कि यदि ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया तो पूरे वेस्ट एशिया में अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल का इस क्षेत्र में मौजूद रहने का कोई अधिकार नहीं है। उनका दावा था कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा ईरान के नियंत्रण में है और क्षेत्र में अस्थिरता की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है। ईरान ने क्षेत्र के दूसरे देशों से भी सहयोग की अपील की। साथ ही कहा कि वह किसी भी कीमत पर क्षेत्र की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
इसी बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने ओमान में मौजूद दो अमेरिकी रडार साइट्स को नष्ट कर दिया है। वहीं जॉर्डन ने ईरान की तीन मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। दूसरी ओर ईरान ने कहा कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है।
Updated on:
17 Jul 2026 05:50 pm
Published on:
17 Jul 2026 05:35 pm
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