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अब ग्रीनलैंड पर कैसे कब्जा करेंगे ट्रंप? सामने आया खलबली मचाने वाला प्लान! यूरोप की बढ़ी चिंता!

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी दुनिया में एक नई जंग की आहट का संकेत दे रही है। यह घटना सिर्फ ड्रग तस्करी से जुड़ी कार्रवाई नहीं है, बल्कि ऊर्जा और रणनीतिक ठिकानों को लेकर तनाव चरम पर रहने वाला है।

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Jan 08, 2026
डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का पत्नी समेत अमेरिका द्वारा पकड़े जाना दुनिया में एक नई जंग की आहट का संकेत दे रही है।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति के पकड़े जाने को सिर्फ ड्रग तस्करी से जुड़ी कार्रवाई तक सीमित करके देखना एक बड़ी भूल होगी। वाइट हाउस के हालिया बयानों और वैश्विक ताकतों की गतिविधियों पर गौर करें तो साफ है कि आने वाले समय में ऊर्जा और रणनीतिक ठिकानों को लेकर तनाव चरम पर रहने वाला है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साफ कर चुके हैं कि अब उनकी नजर ग्रीनलैंड पर है। ट्रंप और उनकी टीम की ओर से अब इसका ब्योरा भी सामने आने लगा है कि ट्रंप कैसे ग्रीनलैंड पर कब्जा करेंगे।

वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने साफ कर दिया पर कहा है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी अमेरिका के लिए चिंता का विषय है और ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप मानते हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।

लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति और उनकी टीम इस लक्ष्य को पाने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति के पास सेना का इस्तेमाल करने का अधिकार हमेशा रहता है।

लेविट इस बयान के बाद यूरोप के कई देशों में हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि इसके पूर्व वाइट हाउस के दूसरे सबसे ताकतवार अधिकारी स्टीफन मिलर भी संकेत दे चुके हैं ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए सेना के उपयोग से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

सामने आ गया ट्रंप का वेनेजुएला प्लान

ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला से 3 से 5 करोड़ बैरल तेल अमेरिका अपने तटों पर ले जाएगा और इससे होने वाली आय पर पूरी तरह अमेरिका का नियंत्रण होगा।

गौरतलब है कि खबर लिखे जाने तक वेनेजुएला से एक रशियन फ्लैग वाले टैंकर का पीछा करते हुए अटलांटिक सागर में अमेरिकी और रूसी और आमने-सेना आ गई हैं।

ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए अमेरिका तीन प्लान पर कर रहा है काम

  • ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे के विरोध में यूरोप की बड़ी ताकतों की ओर से संयुक्त बयान आने के बाद अमेरिका इस पर कब्जे के लिए कम से कम तीन प्लान पर चर्चा कर रहा है।
  • ग्रीनलैंड को डेनमार्क से खरीद लेना और उसे अमेरिका का एक नया राज्य बनाना।
  • ग्रीनलैंड में स्वायत्तता के आंदोलन को हवा देना और स्वायत्त होने के बाद उसका उसको अमेरिका में संधि के माध्यम से विलय कर लेना। पहले ही ग्रीनलैंड के अधिकांश लोग डेनमार्क से आजादी चाहते हैं।
  • ग्रीनलैंड में सैन्य कार्रवाई करते हुए उस पर कब्जा कर लेना।

ग्रीनलैंड पर क्यों है अमेरिका की नजर?

रणनीतिक स्थिति- अमेरिका का मानना है कि रूस से होने वाला कोई भी मिसाइल हमला हर स्थिति में ग्रीनलैंड से होकर गुजरेगा। ऐसे में यहां विशाल एंटी मिसाइल रडार की मौजूदगी ( एक विशाल रडार प्रणाली अमेरिका यहां 1958 में पहले स्थापित कर चुका है ) और उसकी देखरेख अमेरिका का राष्ट्रीय हित है। हाल के दिनों में रूस और चीन की इस इलाके में बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए अमेरिका अब ग्रीनलैंड पर अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है।

अथाह संसाधन- बर्फ की चादर के नीचे छिपे रेअर अर्थ खनिज, तेल और गैस के भंडार भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

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