
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Photo Credit - IANS/ANI)
Iran Protest: ईरान में महंगाई और मुद्रा की खराब हालत को लेकर दिसंबर अंत में शुरू हुआ प्रदर्शनों का सिलसिला पूरे देश में फैला है। अब तक इन प्रदर्शनों में 116 प्रदर्शनकारियों की मृत्यु और सैकड़ों के घायल होने की जानकारी मानवाधिकार संगठनों ने दी है। विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला के बाद अमेरिका का अगला टारगेट ईरान ही है। ईरान में सत्ता परिवर्तन कराने के लिए अमेरिका अरसे से प्रयासरत है। अब वहां हो रहे प्रदर्शनों में निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के पोस्टर भी लहराए जा रहे हैं। अब तक 10 सरकारी इमारतें, 25 मस्जिदें, 2 आईआरजीसी कैंपों को आग के हवाले किया जा चुका है। 100 से ज्यादा शहरों में हो रही हिंसा काबू पाना ईरानी सरकार के लिए मुश्किल हो गया है।
इस बीच ईरान बार्डर से सटे इरबिल एयरबेस पर अमेरिका ने अपनी एयरफोर्स की तैनाती बढ़ा दी है। अमरीकी ड्रोन लगातार ईरान के हालातों पर नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान शायद पहले कभी न देखी गई आजादी की ओर देख रहा है। अमेरिका मदद के लिए तैयार है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि उनकी कमजोर कड़ी पर अटैक करेंगे। हालांकि अभी सैन्य विकल्प पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई सेफ हाउस में चले गए हैं। वह खामेनेई तबस के रेगिस्तान में एक गुप्त लोकेशन में छिपे हैं।
ईरान के अटॉर्नी जनरल मो. मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले लोगों को अल्लाह का दुश्मन माना जाएगा। इस आरोप के तहत उन्हें फांसी की सजा भी दी जा सकती है। सर्वोच्च नेता खामेनेई प्रदर्शनकारियों पर विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत आरोप लगा चुके हैं। रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने जनता से अपील की कि वह अपने बच्चों को दंगाइयों के साथ शामिल न होने दें। आर्थिक समस्याओं का हर संभव तरीके से समाधान किया जाएगा।
ईरान की संसद के स्पीकर ने अमेरिका और ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमला होता है तो उनका लक्ष्य अमेरिकी सैनिक और इजरायल होंगे। अमेरिकी हमले की जवाबी कार्रवाई में उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इसहान के गवर्नर अली अहमदी के अनुसार उनके प्रांत में हुए प्रदर्शनों के दौरान अब तक 30 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं जो खुल कर सुप्रीम लीडर का विरोध कर रही हैं। इस बीच लंदन में ईरानी दूतावास में प्रदर्शनकारी ने मौजूदा झंडा उतार कर पुराना शेर और सूरज वाला झंडा फहरा दिया।
Published on:
12 Jan 2026 03:03 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
