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84 दिन नहीं डूबेगा सूरज, अलास्का के उत्कियागविक में 2 अगस्त तक नहीं होगी रात

अलास्का के उत्कियागविक में शुरू हुई अनोखी ‘मिडनाइट सन’ घटना के तहत अब 84 दिनों तक सूरज अस्त नहीं होगा। जानिए क्यों होता है ऐसा और क्या है इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण।

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May 12, 2026
अलास्का के उत्कियागविक में ‘मिडनाइट सन’ की शुरुआत, अब 84 दिनों तक नहीं डूबेगा सूरज। (Photo- AI)

Utqiagvik Alaska Midnight Sun: अमेरिका के सबसे उत्तरी राज्य अलास्का के उत्कियागविक में इस समय एक बेहद अनोखी प्राकृतिक घटना शुरू हो गई है। अब यहां सूरज अगले 84 दिनों तक अस्त नहीं होगा। इस घटना को 'मिडनाइट सन' यानी आधी रात का सूरज कहा जाता है। बीते शनिवार को यहां मौसम का आखिरी सूर्यास्त देखा गया। इसके बाद रविवार तड़के 2:57 बजे सूरज फिर से उग आया और अब यह लगातार आसमान में ही रहेगा। इसका मतलब है कि अब 2 अगस्त तक यहां दिन और रात का सामान्य चक्र नहीं होगा, बल्कि हर समय रोशनी बनी रहेगी।

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उजाला ही नहीं, अंधेरा भी लगातार होता है

उत्कियागविक आर्कटिक सर्कल से भी लगभग 500 किलोमीटर उत्तर में स्थित है, इसलिए यहां पृथ्वी पर सबसे चरम दिन-रात के बदलाव देखने को मिलते हैं। गर्मियों में यहां कई हफ्तों तक सूरज डूबता ही नहीं, जबकि सर्दियों में इसके विपरीत स्थिति होती है और लगभग 60 दिनों से ज्यादा समय तक पूरा शहर अंधेरे में रहता है, जिसे 'पोलर नाइट' कहा जाता है।

क्यों होता है ऐसा?

  • यह पूरी घटना पृथ्वी के झुकाव के कारण होती है।
  • पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है और सूर्य के चारों ओर घूमती है।
  • इसी झुकाव की वजह से अलग-अलग हिस्सों को सूरज की रोशनी अलग मात्रा में मिलती है।
  • जब उत्तरी गोलार्ध सर्दियों में सूर्य से दूर झुक जाता है, तब आर्कटिक सर्कल के ऊपर स्थित इलाकों में सूरज कई दिनों तक क्षितिज के ऊपर नहीं आता।
  • इसी कारण उत्कियागविक में लगभग 65 दिन तक सूर्योदय नहीं होता।

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Published on:
12 May 2026 05:45 am
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