अमरीका (America) ने वेनेजुएला (Venezuela) के तटीय इलाके में अपना जंगी बेड़ा उतार रहा है। इससे दुनिया में एक और युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। अमरीका के इस कदम पर चीन की प्रतिक्रिया भी आई है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका (America) अपने युद्धपोत और पनडुब्बियों का बेड़ा वेनेजुएला (Venezuela) के तटीय जलक्षेत्र में तैनात कर रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अभियान के तहत यह किया जा रहा है। अमेरिका का कहना है यह ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कार्रवाई है। अमरीका मादुरो को 'नार्को टेरेरिस्ट' कहता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने पिछले हफ्ते कम से कम तीन युद्धपोत वेनेजुएला की ओर रवाना करने का आदेश दिया है। इसके अलावा 4,000 मरीन भी क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं। अमरीका मादुरो के चुनाव को मान्यता नहीं देता। मादुरो की गिरफ्तारी के लिए रखा गया शुरुआती इनाम 1.5 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर कर दिया गया है।
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमरीका की कार्रवाइयों को धमकी बताया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए 45 लाख मिलिशिया सैनिकों को सक्रिय किया जाएगा। मादुरो ने अपने टीवी संबोधन में बताया कि एक विशेष योजना शुरू की जा रही है, जिससे पूरा वेनेजुएला कवर किया जाएगा। उनकी सरकार ने फिलहाल ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी है।
अमेरिका के इस कदम पर अब चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वॉशिंगटन को विदेश में हस्तक्षेप से बचना चाहिए। निंग ने कहा कि चीन ऐसे किसी भी कदम का विरोध करता है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ हो। साथ ही किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करता हो। चीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग, बल प्रयोग की धमकी या किसी दूसरी तरह वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप का विरोध करते हैं।
ट्रंप और मादुरो की तनातनी बहुत पुरानी है। ट्रंप सरकार का मानना है कि मुदरो वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति नहीं है। अमरीका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर इनाम भी रखा है। फिलहाल, अमरीका ने मादुरो पर 5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।