AI Chatbots Side Effect: एआई चैटबॉट्स के इस्तेमाल के कई फायदे हैं, तो इसके नुकसान भी कम नहीं हैं। इस पर बढ़ती निर्भरता से लोगों की रचनात्मकता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कैसे? आइए जानते हैं।
एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI - Artificial Intelligence) का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। कई सेक्टर्स में एआई अब अहम हिस्सा बन गया है। लोग नौकरी से लेकर अपनी निजी ज़िंदगी में भी एआई का इस्तेमाल करते हैं। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों के बीच भी इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। एआई चैटबॉट्स पर लोगों की निर्भरता भी बढ़ रही है। ऐसे में एआई अब सिर्फ एक तकनीकी उपकरण नहीं रह गया है, बल्कि कई लोगों के लिए यह एक 'डिजिटल नशा' बनता जा रहा है।
स्पेन के बार्सिलोना में सीएचआई कॉन्फ्रेंस में पेश एक रिसर्च के अनुसार एआई चैटबॉट्स की लत अब मानव व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित कर रही है। ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय और जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने सोशल मीडिया फोरम रेडिट की सैकड़ों प्रविष्टियों का विश्लेषण कर पाया कि एआई चैटबॉट्स में एक 'एआई जिनी' प्रभाव होता है। यानी बिना किसी मेहनत के अपनी हर इच्छा पूरी करने की क्षमता रखता है। इसी वजह से लोग इसके आदी बन रहे हैं।
एआई चैटबॉट्स के इस्तेमाल से लोगों को बिना मेहनत किए जवाब मिल जाते हैं। इसका असर उनकी रचनात्मकता पर पड़ता है और धीरे-धीरे वो खत्म हो रही है। यह एक चिंताजनक विषय है।
1. कल्पना की दुनिया में गुम होना
डिजिटल नशे का यह सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें यूज़र्स एआई चैटबॉट्स के साथ मिलकर अपनी एक काल्पनिक दुनिया या पात्र बना लेते हैं। उनकी रुचि वास्तविक जीवन की गतिविधियों से पूरी तरह खत्म हो जाती है।
2. डिजिटल पार्टनर से लगाव
इस श्रेणी में यूज़र्स एआई चैटबॉट्स को दोस्त, परिवार या प्रेमी/प्रेमिका मानने लगते हैं। 'कैरेक्टर एआई' जैसे प्लेटफॉर्म्स अकाउंट डिलीट करते समय 'हमारे बीच प्यार खो जाने' जैसी बातें भी कहते हैं।
3. सूचनाओं का अंतहीन पीछा
इस श्रेणी में यूज़र्स अंतहीन सवाल पूछने और जानकारी जुटाने के चक्कर में घंटों बर्बाद कर देते हैं। एआई चैटबॉट्स की तुरंत जवाब देने की क्षमता उन्हें इस दलदल में और गहराई तक ले जाती है।
1. दिन भर दिमाग में केवल एआई चैटबॉट्स का ख्याल।
2. एआई चैटबॉट्स के ऐप्स डिलीट करने के बाद फिर से डाउनलोड करना।
3. ऐप्स से दूर रहने पर बेचैनी और चिड़चिड़ापन।
4. वास्तविक रिश्तों और काम में रुकावट आना।