ईरान में अस्थिरता का माहौल कायम है। ऐसे में वहां फंसे भारतीय छात्रों के परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका ने ईरान की ओर अपना सैन्य बेड़ा रवाना किया है। अमेरिका ने USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को ईरान की ओर रवाना किया है। इसमें एक सुपरकैरियर, 3-6 डिस्ट्रॉयर्स/क्रूजर, 1-2 पनडुब्बियां, 7000-8000 सैनिक और 65-70 फाइटर जेट्स शामिल हैं। वहीं, न्यूक्लियर साइट्स को तबाह करने वाले मिसाइल भी इस युद्धपोत में तैनात हैं। इससे दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। ईरान को लेकर भारत की भी अपनी चिंता है। ईरान में लगभग 10 से 12 हजार भारतीय मूल के लोग मौजूद हैं। इनमें बहुत बड़ी संख्या छात्रों की है। करीबन दो से तीन हजार कश्मीरी छात्र ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। छात्र संगठन ने कहा कि ईरान में अस्थिरता का माहौल होने के कारण वहां मौजूद लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण जम्मू-कश्मीर में मौजूद परिजन अपने बच्चों से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं। JKSA ने भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों से ईरान में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात पर लगातार नजर रखने की अपील की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।
ईरान अमेरिका तनाव को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षित वापसी है और वे स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रहे हैं। कारोबारी जगत: भारतीय निर्यातकों में डर का माहौल है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के मुताबिक, यदि तनाव लंबा चला तो करोड़ों रुपये का भुगतान फंस सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या अब रोक दी गई है।
व्हाइट हाउस में बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि दूसरी तरफ के कुछ बहुत अहम सूत्रों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरान में अब फांसी और दूसरी तरह की कार्रवाई नहीं होगी।