पिछले सितंबर में सैकड़ों UFO देखे जाने की नासा की जांच में पाया गया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ऐसी घटनाओं के पीछे एलियंस थे। हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक नासा ऐसी संभावना से इनकार भी नहीं करता।
एलियन्स (Aliens) धरती पर इंसानों के बीच तो नहीं रह रहे? किसी को भले इस बात पर भरोसा नहीं है, लेकिन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने हाल ही एक रिसर्च रिपोर्ट पेश की है, जिसमें क्रिप्टोटेटेरेस्ट्रियल प्राणियों की ऐसी परिकल्पना है। इसमें संभावना जताई है कि या तो एलियन हमारे बीच छिपकर रह रहे हैं या फिर कुछ बुद्धिमान समूह या संस्थाएं गुप्त रूप से रह रही हैं। पिछले सितंबर में सैकड़ों UFO देखे जाने की NASA की जांच में पाया गया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ऐसी घटनाओं के पीछे एलियंस थे। हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक नासा ऐसी संभावना से इनकार भी नहीं करता। डॉ. एमिली रॉबट्र्स के नेतृत्व में ह्यूमन फ्लोरिशिंग प्रोग्राम के इस अध्ययन में कई अनुमान वाले सिद्धांतों पर प्रकाश डाला गया है। NASA के मुख्य प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी न केवल इन घटनाओं पर शोध करेगी, बल्कि ज्यादा पारदर्शी आंकड़े भी सामने लाएगी।
अध्ययन में मनुष्यों के आस-पास रहने वाले एलियंस के बारे में चार मुख्य सिद्धांतों की खोज की गई है।
1. ह्यूमन क्रिप्टोटेरेस्ट्रियल - ये जीव एक प्राचीन मानव सभ्यता से आते हैं जो तकनीकी रूप से उन्नत थी और बहुत पहले नष्ट हो गई थी।
2. थेरोपोड या होमिनिड क्रिप्टोटेरेस्ट्रियल्स - इन्हें गैर-मानव सभ्यता कहा जाता है, जो भूमिगत रहने के लिए पैदा हुए हैं।
3. एक्स्ट्राटेम्पेस्ट्रियल - ये जीव संभवत: ब्रह्मांड के सुदूर भागों से पृथ्वी पर पहुंचे हैं। संभावना है कि इन्होंने खुद को चंद्रमा पर छिपा रखा है।
4. मैजिकल क्रिप्टोटेरेस्ट्रियल्स - ये ज्यादा रहस्यमय तरीकों से मानव दुनिया से जुड़ती हैं, जैसे परियां, कल्पित बौने और अप्सराएं आदि।