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Argentina’s private property bill: अर्जेंटीना में प्राइवेट प्रॉपर्टी बिल पर बवाल, संसद के बाहर प्रदर्शन; जानिए क्यों हो रहा विरोध

Private Property Rights Argentina: अर्जेंटीना में प्राइवेट प्रॉपर्टी बिल को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रपति जेवियर माइली सरकार के इस विधेयक के विरोध में संसद के बाहर ट्रेड यूनियनों, सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। सरकार विदेशी निजी निवेशकों के लिए ग्रामीण जमीन खरीदने के नियम आसान बनाना चाहती है, जबकि विरोधियों का कहना है कि इससे कृषि भूमि, प्राकृतिक संसाधनों, खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता पर असर पड़ सकता है। जानिए प्राइवेट प्रॉपर्टी बिल क्या है, सरकार इसमें क्या बदलाव करना चाहती है और इसे लेकर विवाद क्यों हो रहा है।
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Aug 07, 2026
Protest against Argentina Private Property Bill.
अर्जेंटीना में प्राइवेट प्रॉपर्टी बिल के विरोध में प्रदर्शन। (Screen grab- X/ @TabascoHOY)

Argentina Property Bill: प्राइवेट प्रॉपर्टी बिल के विरोध में गुरुवार को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स स्थित संसद (नेशनल कांग्रेस) के बाहर ट्रेड यूनियनों, सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इसी दौरान सीनेट में इस विवादास्पद विधेयक पर बहस चल रही थी। प्रदर्शनकारी अर्जेंटीना के झंडे और बिल के खिलाफ बैनर लेकर संसद के आसपास एकत्र हुए। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबल पहले से ही भारी संख्या में मुस्तैद थे। इतना ही नहीं, संसद की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबलों ने संसद भवन के चारों ओर बैरिकेड भी लगा दिए थे। प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रपति जेवियर माइली की सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा गया, जबकि सीनेट के भीतर सांसद इस विधेयक पर चर्चा कर रहे थे। यह प्रदर्शन जनरल कन्फेडरेशन ऑफ लेबर, अर्जेंटीना वर्कर्स सेंट्रल और यूनियन ऑफ वर्कर्स ऑफ द पॉपुलर इकोनॉमी से जुड़े सामाजिक संगठनों ने किया।

क्या है प्राइवेट प्रॉपर्टी बिल?

माइली सरकार द्वारा यह विधेयक निजी संपत्ति के अधिकार को और मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा कानूनों में ऐसे कई प्रावधान हैं, जो संपत्ति के अधिकार और निवेश की राह में बाधा बनते हैं। सरकार इन नियमों में बदलाव कर कानूनी अनिश्चितता खत्म करना चाहती है और विदेशी निवेश को बढ़ावा देना चाहती है।

बिल में क्या-क्या प्रस्ताव हैं?

विधेयक में कई अहम बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है। 1- सरकार द्वारा निजी जमीन के अधिग्रहण को और सीमित करने का प्रस्ताव, 2- विदेशी नागरिकों और कंपनियों के लिए अर्जेंटीना की ग्रामीण जमीन खरीदने पर लगे अधिकांश प्रतिबंध हटाना, 3- निजी निवेशकों और विदेशी सरकारों के बीच स्पष्ट अंतर करना, 4-विदेशी सरकारों और उनके नियंत्रण वाली कंपनियों पर जमीन खरीदने के नियम पहले की तरह सख्त रखना।

अभी क्या है कानून?

वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांदेज़ डी किर्चनर (Cristina Fernández de Kirchner) की सरकार ने एक कानून बनाया था, जिसके तहत राष्ट्रीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तर पर कुल ग्रामीण भूमि का 15% से अधिक हिस्सा विदेशियों के स्वामित्व में नहीं हो सकता। इसके अलावा, एक ही देश के नागरिकों के लिए भी सीमा तय है। नदियों, झीलों, ग्लेशियरों और सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों की जमीन विदेशियों को बेचने पर भी रोक है।

सरकार क्या बदलना चाहती है?

राष्ट्रपति माइली की सरकार का मानना है कि विदेशी निजी निवेशकों पर लगे ये प्रतिबंध अब अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह हैं। सरकार का कहना है कि अर्जेंटीना का विकास विदेशी निवेश से भी हुआ है। इसलिए निजी विदेशी निवेशकों को जमीन खरीदने की अधिक छूट मिलनी चाहिए। हालांकि, सरकार विदेशी देशों और उनकी सरकारी कंपनियों के लिए प्रतिबंध बनाए रखना चाहती है।

विवाद क्यों हो रहा है?

विपक्ष, ट्रेड यूनियन और कई सामाजिक संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि विदेशी निवेशकों के लिए जमीन खरीदने के नियम आसान कर दिए गए, तो बड़ी मात्रा में अर्जेंटीना की कृषि भूमि विदेशी कंपनियों के हाथों में जा सकती है। इससे प्राकृतिक संसाधनों, खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता पर असर पड़ सकता है। विरोधियों को यह भी आशंका है कि सरकार निजी संपत्ति के नाम पर ऐसे बदलाव कर रही है, जिनसे आम लोगों, किसानों और कमजोर वर्गों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

Updated on:
07 Aug 2026 09:29 am
Published on:
07 Aug 2026 09:29 am