पाकिस्तान के आर्मी चीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में एक नया 'डिफेंस डॉक्ट्रिन' पेश किया है। सूत्रों के अनुसार, इससे भारत के लिए खतरा बढ़ सकता है।
Pakistan Nuclear Umbrella: पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहिए। लेकिन पड़ोसी देश हिंदुस्तान के खिलाफ लगातार जहर उगल रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत को गीदर भभकी दी है। मुनीर ने मुस्लिम देशों की सुरक्षा के लिए एक नया डिफेंस डॉक्ट्रिन बनाया है। इस डॉक्ट्रिन के तहत पाक मुस्लिम देशों के साथ आक्रामक रक्षा और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने में जुटा हुआ है। इसमें हथियारों की बड़ी डील, लड़ाकू विमान और मिसाइल की बिक्री भी शामिल बताई जा रही है।
भारत के रक्षा और खुफिया सूत्रों के मुताबिक, दुनिया के कई मुस्लिम देश पाकिस्तान की परमाणु की शरण में आना चाहते है। आपको बता दे कि पाकिस्तान ही दुनिया का एक मात्र परमाणु हथियार वाला इस्लामिक देश है। हालांकि अभी तक किसी देश के साथ पाकिस्तान ने परमाणु हथियार शेयर करने का कोई समझौता नही हुआ है। पाकिस्तान आश्वास दिया है कि जिन्हें इजरायल या किसी देश से खतरा है तो उसकी मदद करेगा।
भारतीय सुरक्षा सूत्रों ने चिंता जताई है कि सऊदी-पाकिस्तान समझौते से मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन बदल देखने को मिल सकता है। मुनीर इस रणनीति को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का भी कहना है कि करीब 8 मुस्लिम देशों ने इस्लामाबाद के साथ रक्षा साझेदारी की तलाशी में जुटे है। डार के अनुसार, यह देश पाकिस्तान से हथियार खरीदने और सैन्य सहयोग चाहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8 बिलियन डॉलर के रक्षा निर्यात ऑर्डर हासिल किए हैं। इसके साथ ही अगले 3-5 साल में 20 अरब डॉलर तक हथियार बेच सकता है।
आसिम मुनीर ने भारत के खिलाफ बयान देते हुए कहा कि आने वाले समय में आधे हिंदुस्तान को ले डूबेंगे। भारतीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह 'रक्षा कूटनीति' क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बिगाड़ सकती है और भारत के लिए लंबे समय में खतरा पैदा कर सकती है, क्योंकि इससे पाकिस्तान की सैन्य पहुंच और प्रभाव बढ़ेगा। मुनीर की आक्रामक बयानबाजी (जैसे भारत पर 'तेज और गंभीर' जवाब की धमकी) इसे और गंभीर बनाती है। कुल मिलाकर, यह डॉक्ट्रिन पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरियों को छिपाकर बाहरी विस्तार पर फोकस कर रहा है।