
S. Jaishankar
Iran–Israel war: पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों को लेकर सरकार चिंतित है जो इन देशों में यात्रा के दौरान या थोड़े समय के लिए गए थे और मौजूदा हालात के कारण वहीं रुक गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि क्षेत्र में मौजूद भारतीयों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही अपने इलाके में मौजूद भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी पर भी ध्यान दें।
सरकार ने बताया कि खाड़ी और पश्चिम एशिया के देशों में स्थित सभी भारतीय मिशनों ने अपने-अपने स्तर पर डिटेल सलाह जारी की है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी शुरू की गई हैं, ताकि किसी भी तरह की परेशानी या जानकारी के लिए लोग तुरंत संपर्क कर सकें। दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया है। यह कंट्रोल रूम उन लोगों की मदद कर रहा है जो प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों या उनके परिवारों से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रहे हैं।
हाल ही में क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद स्थिति थोड़ी सामान्य होती दिख रही है। इसी के चलते भारतीय और विदेशी एयरलाइंस ने कई कमर्शियल उड़ानें शुरू कर दी हैं। इनमें कुछ विशेष या गैर-निर्धारित उड़ानें भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय यात्रियों को सुरक्षित वापस लाना है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक 1 मार्च से 7 मार्च 2026 के बीच 52 हजार से ज्यादा भारतीय इन उड़ानों के जरिए खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। इनमें से करीब 32,107 यात्रियों ने भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों से यात्रा की।
सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में और उड़ानें शुरू की जा सकती हैं, ताकि जो लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द घर लाया जा सके। जिन देशों में फिलहाल सीधी कमर्शियल उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें। वहां से उन्हें उपलब्ध उड़ानों और यात्रा विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।
Published on:
08 Mar 2026 02:37 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
Iran Israel Conflict Latest Updates
