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कोरोना के समय में इस कंपनी ने कर्मचारियों से छीन ली थी नौकरी, अब कोर्ट ने सुनाई सजा, 500 करोड़ का जुर्माना

ऑस्ट्रेलिया की एयरलाइन कंपनी क्वांटास को 500 करोड़ रुपये (लगभग 100 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) का भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ा। यह जुर्माना कोविड-19 महामारी के दौरान कर्मचारियों को अवैध रूप से नौकरी से निकालने के मामले में लगाया गया है।

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Aug 18, 2025
Qantas airline fined ₹500 crore (File Photo)

ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख एयरलाइन कंपनी क्वांटास (Qantas) को एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी को 500 करोड़ रुपये (लगभग 100 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) का भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ा है। यह जुर्माना कोविड-19 महामारी के दौरान कर्मचारियों को अवैध रूप से नौकरी से निकालने के मामले में लगाया गया है। ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने इस मामले में क्वांटास को दोषी ठहराया और यह सजा सुनाई।

क्या है मामला?

अगस्त 2020 में, जब ऑस्ट्रेलिया में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लागू था, क्वांटास ने अपने लगभग 1,800 ग्राउंड स्टाफ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इन कर्मचारियों को बिना किसी उचित कारण या प्रक्रिया के हटाया गया, जिसे ऑस्ट्रेलियाई श्रम कानूनों का उल्लंघन माना गया। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (TWU) ने इस मामले को कोर्ट में उठाया, जिसके बाद जांच शुरू हुई। कोर्ट ने पाया कि क्वांटास ने कर्मचारियों के अधिकारों का हनन किया और उन्हें उचित मुआवजा या नोटिस पीरियड नहीं दिया गया।

कोर्ट का फैसला

ऑस्ट्रेलियाई फेडरल कोर्ट ने क्वांटास की इस हरकत को गैरकानूनी करार देते हुए कंपनी पर 100 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही, कोर्ट ने कंपनी को प्रभावित कर्मचारियों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया। यह मुआवजा कर्मचारियों की नौकरी छूटने से हुए नुकसान और मानसिक तनाव के लिए होगा।

क्वांटास की प्रतिक्रिया

क्वांटास ने इस फैसले पर खेद जताया और कहा कि वह कोर्ट के आदेश का पालन करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा, "हम अपने कर्मचारियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं और इस मामले में हुई गलती के लिए माफी मांगते हैं। हम प्रभावित कर्मचारियों को मुआवजा देने और उनकी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

कर्मचारियों और यूनियन का बयान

ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत बताया। यूनियन के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह फैसला उन सभी कर्मचारियों के लिए न्याय सुनिश्चित करता है, जिन्हें महामारी के दौरान अनुचित तरीके से नौकरी से निकाला गया। यह कॉरपोरेट जवाबदेही का एक उदाहरण है।"

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