
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)
China Reaction On US Action On Venezuela: चीन ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन गिरफ्तार करने के अमेरिकी कदम का विरोध किया है। चीन ने कहा है कि कोई भी देश दुनिया का 'पुलिसकर्मी' या 'अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधीश' नहीं बन सकता।
साथ ही चीन ने अमेरिका को एकतरफा दादागिरी के खिलाफ चेतावनी तक दे डाली है। चीन ने वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की अपील की है।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को बीजिंग में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- चीन हमेशा बल के इस्तेमाल या धमकी का विरोध करता है, साथ ही एक देश की इच्छा को दूसरे देश पर थोपने का भी विरोध करता है।
वांग ने कहा कि मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय स्थिति अधिक अस्थिर और आपस में जुड़ी हुई है, जिसमें एकतरफा दादागिरी तेजी से गंभीर होती जा रही है। वांग ने कहा कि वेनेजुएला में स्थिति में अचानक बदलाव ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है।
चीनी विदेश मंत्री ने कहा- हम कभी नहीं मानते कि कोई भी देश दुनिया के पुलिसकर्मी की भूमिका निभा सकता है, न ही हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी देश खुद को अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधीश होने का दावा करे। उन्होंने कहा कि सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा को अंतर्राष्ट्रीय कानून द्वारा पूरी तरह से संरक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र चार्टर को बनाए रखने, मौलिक अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों को बनाए रखने, सभी राष्ट्रों की संप्रभुता का सम्मान करने और वैश्विक शांति व विकास की रक्षा के लिए पाकिस्तान सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बता दें कि मादुरो को शनिवार को एक सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने पकड़ लिया था और वह वर्तमान में अमेरिकी हिरासत में हैं। उनकी जगह पर डेल्सी रोड्रिग्ज ने रविवार देर रात वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वेनेजुएला को अमेरिका को पूरी पहुंच देनी होगी या शायद मादुरो से भी बुरे परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
Published on:
05 Jan 2026 11:28 am
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