
Ayatollah Ali Khamenei Funeral Ceremony : अमेरिका से बदला!बदला!' ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह के दौरान अपने धार्मिक नेता और उनकी नन्ही पोती के ताबूत की तस्वीर देख कर वे और भावुक हो उठे। रोता हुआ समर्थकों का हुजूम अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर के साथ से उनकी मौत का बदला लेने की इन आवाजों से गूंजता हुआ नजर आया। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की 14 महीने की पोती जेहरा मोहम्मदी गोलपायगानी का राष्ट्रीय ध्वज से लिपटा हुआ उनका छोटा सा ताबूत उनकी फ्रेम की हुई तस्वीर के साथ प्रदर्शित किया गया। यह नजारा चर्चा का विषय बना हुआ है।
जेहरा 28 फरवरी को उनके और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के साथ जंग में मारी गई थीं। खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए हजारों ईरानी तेहरान में एकत्र हुए । उनके ताबूत को देश के झंडे में लपेट कर और उसके ऊपर उनकी काली पगड़ी रख कर परिसर में लाया गया। उनके मृत रिश्तेदारों के शव भी उनके बगल में रखे गए, जिनमें उनकी 14 महीने की पोती का छोटा ताबूत भी शामिल था।
खामेनेई का पार्थिव शरीर शुक्रवार को तेहरान पहुंचा, जहां ईरान और इराक के कई शहरों में छह दिनों तक सार्वजनिक अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किए जाएंगे। उनके पार्थिव शरीर को ईरान और पड़ोसी देश इराक के शहरों से होकर ले जाया जाएगा। सैकड़ों समर्थक शुक्रवार शाम को ही तेहरान के ग्रैंड मोसाला के बाहर जमा हो गए थे, जिसे आज जनता के लिए खोला जाना है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में जनता नारे लगा रही थी, 'अमेरिका का नाश हो' और 'बदला, बदला'। 27 वर्षीय एक शोक संतप्त व्यक्ति ने कहा, 'मैं अपने प्रिय नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने आया हूँ। मैंने कभी ऐसे दिन की उम्मीद नहीं की थी। काश, इस त्रासदी से पहले ही मेरी मृत्यु हो गई होती।
ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने शुक्रवार को अपना दुख व्यक्त किया, जिसमें संसद अध्यक्ष और अमेरिका के साथ वार्ता में शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ भावुक होकर रोते हुए दिखाई दिए। श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले शीर्ष ईरानी अधिकारियों में अहमद वाहिदी भी शामिल थे, जिन्हें उनके पूर्ववर्ती की उसी हमले में हत्या के बाद ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड्स का प्रमुख नॉमिनेट किया गया था, जिसमें खामेनेई की भी हत्या हुई थी।
खामेनेई का ताबूत सोमवार तक तेहरान में रहेगा, जिसके बाद एक जुलूस शहर से गुजरेगा। यह धार्मिक केंद्र कोम पहुंचेगा, फिर पड़ोसी देश इराक के पवित्र शहरों में जाएगा और उसके बाद पूर्वोत्तर ईरान में खामेनेई के गृह नगर मशहद में अंतिम संस्कार के लिए आगे बढ़ेगा। ध्यान रहे कि बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश मामलों की राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।