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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में फ्रांस-ब्रिटेन का बड़ा एक्शन, माइन्स साफ करने वाले जहाज भेजे

Strait of Hormuz: फ्रांस व ब्रिटेन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन्स हटाने वाले जहाज भेजे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि हम ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडरमरूमध्य में यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
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Ships in Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट में जहाज (File Photo)

US- Iran War: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने में मदद के लिए पश्चिम एशिया में माइन काउंटरमेजर भेज चुका है। फ्रांस के साथ-साथ ब्रिटेन ने भी ओमान के साथ मिलकर इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने का बेड़ा उठाया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम बड़ा अंतरराष्ट्रीय मिशन भी भेजने के लिए तैयार हैं।

होर्मुज में फ्रांस के माइनहंटर तैनात

राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर लिखा कि फ्रांस ने मध्य पूर्व में माइन काउंटरमेजर संसाधन तैनात किए हैं। जिनमें खास तौर पर दो माइनहंटर शामिल हैं। दो फ्रिगेट और एक समुद्री गस्ती विमान को भी इस काम में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ये सभी हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर होर्मुज जलडरमरूमध्य में यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देने के लिए तैयार हैं।

ईरान-अमेरिका पीस डील का किया स्वागत

उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन का भी स्वागत किया है। मैक्रों ने कहा कि ये क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सैद के साथ बातचीत के बाद फ्रांस अपनी सैन्य तैनाती में बदलाव कर रहा है।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि फ्रांस का विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल अब अपने घरेलू बंदरगाह टूलॉन लौट रहा है, लेकिन माइन साफ करने वाले जहाज और उनके एस्कॉर्ट वहां बने रहेंगे। मैक्रों ने कहा कि स्थिति के अनुसार, फ्रांस अपनी ताकत को बदल-बदलकर इस्तेमाल करेगा।

ब्रिटेन और फ्रांस ने जारी किया संयुक्त बयान

ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की अर्थव्यवस्था की नस है। यहां सभी देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता बनाना पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है। ओमान ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर अपने जल क्षेत्र को सुरक्षित करने का फैसला लिया है। दोनों देशों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़े बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन को भी भेजने को भी तैयार हैं।

फ्रांस व ब्रिटेन ने सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय कानून बनाए रखनी की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। बता दें कि फ्रांस व ब्रिटेन की ओर से यह कदम उस समय उठाया गया है जब अमेरिका-ईरान के बीच समझौता हुआ है। इससे हॉर्मुज में तेल और गैस की सप्लाई चेन पर लगे खतरे को कुछ हद तक कम करने की उम्मीद है।