2 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कतर में ईरान-अमेरिका समझौते पर अहम वार्ता, 6 अरब डॉलर की फ्रीज़ संपत्ति और MoU उल्लंघन का मुद्दा गरमाया

US Iran Hotline Agreement MoU: कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता में एमओयू के क्रियान्वयन, ईरान की जमी हुई राशि के उपयोग, विशेष हॉटलाइन की स्थापना और होर्मुज जलडमरूमध्य समेत क्षेत्रीय मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने वार्ता जारी रखने और प्रस्तावों पर आगे विचार करने पर सहमति जताई।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Jul 02, 2026

Iran US MoU implementation discussion

कतर में ईरान की हुई वार्ता (Photo-IANS)

US Iran indirect talks Doha: कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई नवीनतम अप्रत्यक्ष वार्ता में दोनों देशों के बीच हुए एमओयू के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में ईरान की करीब 3 अरब डॉलर की जमी हुई राशि जारी करने के प्रस्ताव और समझौते के उल्लंघन की निगरानी के लिए विशेष संचार चैनल (हॉटलाइन) स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि बातचीत का यह दौर समाप्त हो गया है। सात ही दोनों पक्षों ने तय किया कि गुरुवार तक एक संचार व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसके जरिए MoU के किसी भी उल्लंघन की सूचना दर्ज और शेयर की जाएगी। 

अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हुई सीधी बातचीत

इस दौरान उन्होंने यह भी बताया है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच सीधी बातचीत नहीं हुई है। सभी वार्ता कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए हुई है।

काजेम गरीबाबादी ने कहा कि  कतर में रखी ईरान की जमी हुई संपत्तियों के उपयोग पर चर्चा हुई। सहमति बनी कि ईरान की जरूरतों के अनुसार आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर उन्हें ईरान भेजा जाएगा।

गरीबाबादी ने कहा कि कतर के अधिकारियों और सेंट्रल बैंक के साथ हुई बैठक में शुरुआती 6 अरब डॉलर की राशि के एक हिस्से के उपयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी आवश्यकता के अनुसार जरूरी सामान खरीदा जाएगा और उसे ईरान तक पहुंचाया जाएगा। 

लेबनान और होर्मुज जलडमरूमध्य भी रहे चर्चा के केंद्र में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान, कतर और पाकिस्तान के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक हुई। इसमें एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। बैठक में लेबनान की स्थिति और होर्मुज को लेकर भी चर्चा की गई। 

इस दौरान ईरान ने आरोप लगाया कि लेबनान में इजरायल की सैन्य मौजदूगी एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बन रही है। ईरान ने यह भी दोहराया कि होर्मुज पर ईरान और ओमान की संप्रभुता है। साथ ही, ईरान ने MoU के पांच प्रमुख प्रावधानों को पहले लागू करने की मांग रखी।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के नए प्रस्ताव के आधार पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल अब अपने-अपने देशों में प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करेंगे।